भूना। पुलिस कस्टडी के दौरान बीमार हुए भूना के गांव नाढ़ोडी के हरपाल बिश्रोई का मामला तुल पकड़ गया है। परिवार इस बात को मानने को तैयार ही नहीं है कि हरपाल की किसी बीमारी से मौत हुई है। रोहतक में उनके परिवार ने पुलिस पर इस मामले में नकारात्मक रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए वहां से धरना हटा दिया और हरपाल का शव लेने से इंकार कर दिया है। रविवार को भारी संख्या में ग्रामीण हरपाल के परिजन व ग्रामीण फतेहाबाद के लघु सचिवालय में बड़ा प्रदर्शन करेंगे और जिन पुलिस कर्मचारियों ने उसे टॉर्चर किया था, उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे।
ज्ञात रहे कि दो जुलाई 2023 को गांव नाढ़ोडी निवासी हरपाल को एंटी नारकोटिक्स सैल हिसार की टीम ने अफीम तस्करी का आरोप लगाते हुए गिरफ्तार किया था। एंटी नारकोटिक्स सैल का आरोप था कि हरपाल अफीम तस्करी करता है। इस दौरान पुलिस कस्टडी में हरपाल की हालत खराब हो गई और उसके बाद उसे रोहतक पीजीआई में भर्ती करवाया गया, जहां उसकी 31 अगस्त को मौत हो गई।
पत्नी ने लगाए आरोप
मृतक हरपाल सिंह की पत्नी सुमन ने आरोप लगाया कि पांच जुलाई को मैं व मेरा नंदोई प्रमोद हिसार पुलिस लाइन नारकोटिक्स सेल में मेरे पति से मिलने गए। परंतु वहां पुलिस वाले कहने लगे कि उनको झारखंड ले जा रखा है। जो मैं वापसी आने लगी तो एक अंजान व्यक्ति ने हमें बतलाया कि एक आदमी को सुबह पुलिस वाले बेहोशी की हालत में अस्पताल लेकर गए थे, हो सकता है वह आपका पति हो और मैं व मेरा नंदोई हिसार के सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में पता करने के लिए चले गए। मगर इस दौरान मेरा पति हरपाल सिंह सीएमसी हिसार में आईसीयू में वेंटिलेटर पर बेहोशी हाथ में मिला जो हमने मेरे पति को छुआ हिलाया। जो बिल्कुल बेहोशी अवस्था में था और आंखें बंद थी तथा सांस भी धीरे-धीरे चल रही थी। आइ जुलाई को दोबारा हम मेरे पति का पता करने आए तो उसे समय भी कोमा में था। 11 जुलाई को पुलिस ने मेरे पति हरपाल को पीजीआई रोहतक में दाखिल करवा दिया जो देखभाल के लिए मेरा भाई नरेंद्र वहां साथ में रहने लगा। लेकिन मेरे पति को पुलिस कस्टडी में रिमांड के दौरान बेरहमी से मारपीट की गई और पानी में डुबोकर थर्ड डिग्री टॉर्चर करके कोमा की हालत में किया। जिसके चलते 31 अगस्त को मेरे भाई का मेरे व मेरे परिजनों के पास फोन आया कि हरपाल ने दम तोड़ दिया है।
मेरा पति नहीं करता था तस्करी
सुमन ने कहा कि पति की मौत के बाद वह दो दिनों से अन्न जल त्याग कर चुकी है। मेरे पति को पुलिस के कुछ जालिमों ने बेवजह पानी में डुबो-बोकर व उनको थर्ड डिग्री देकर मारा है। वह सही सलामत थे और उनको कोई किसी प्रकार की बीमारी नहीं थी। एक सच्चे इंसान को झूठे मुकदमे में फंसाने के लिए एंटी नारकोटिक्स पुलिस ने लाखों रुपये की हवस पूरी नहीं होने के कारण उसके पति को मौत के घाट उतार दिया। लेकिन जब तक थर्ड डिग्री टॉर्चर करने वाले इंस्पेक्टर पवन कुमार,एएसआई जसवीर जींद, हेड कांस्टेबल नवीन कुमार, प्रमोद कुमार, राजबीर दादरी, राजेश हांसी, एएसआई हेमराज के खिलाफ हत्या का मामला जब तक दर्ज नहीं होगा तब तक अपने पति के शव का पोस्टमार्टम व अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
शव नहीं लूंगी, न्याय मांगूगी
सुमन ने कहा कि जब तक उसके पति के हत्यारों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती, वह अपने पति का शव नहीं लेंगी। हत्या के इन आरोपी पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज होना चाहिए, उसके बाद ही वह अपने पति का अंतिम संस्कार करवाएंगी। तब तक रोहतक पीजीआई में उनके पति का शव रहेगा और इसके लिए रविवार को फतेहाबाद के लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया जाएगा और न्याय के लिए उनके साथ गांव नाढ़ोडी ही नहीं अन्य गांव के लोग भी शामिल रहेंगे।