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Fatehabad News: गर्भावस्था की पहली तिमाही में पंजीकरण जरूरी, देरी पर एएनएम को देना होगा जवाब

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मुकेश खुराना
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फतेहाबाद। स्वास्थ्य विभाग ने गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान और देखभाल सुनिश्चित करने के लिए तीन माह के भीतर पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। तय समय सीमा में रजिस्ट्रेशन न होने पर संबंधित एएनएम को सिविल सर्जन से अनुमति लेनी होगी। इसके बाद ही संबंधित गर्भवती की रिप्रोडक्टिवि चाइल्ड हेल्थ (आरसीएच) आईडी जारी की जा सकेगी।
स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, रजिस्ट्रेशन में देरी की स्थिति में एएनएम को पहले सिविल सर्जन कार्यालय को स्पष्टीकरण देना होगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य गर्भवती की समय पर पहचान, देखभाल, भ्रूण लिंग जांच और अवैध गर्भपात पर रोक लगाना है। जिले में वर्तमान में 250 एएनएम और 830 आशा कार्यकर्ता कार्यरत हैं। वर्ष 2024-25 में जिले में 15,946 गर्भवती महिलाओं ने एंटीनेटल केयर टेस्ट (एएनसी) रजिस्ट्रेशन करवाया था। विभाग का मानना है कि कई महिलाएं पंजीकरण नहीं करातीं, जिससे ट्रैकिंग संभव नहीं हो पाती।
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एएनएम के पास करवानी होती प्रथम जांच : महिला को अपने गर्भवती होने का पता लगने के बाद क्षेत्र की एएनएम के पास जाकर जांच करवानी होगी। एएनएम जांच करेगी और फिर पोर्टल पर उसका रिकॉर्ड दर्ज करेगी। इसके बाद आरसीएच आईडी जारी होगी। ये आईडी दिखाने के बाद ही संचालक उसका अल्ट्रासाउंड कर पाएंगे। संवाद
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