फतेहाबाद। फतेहाबाद यातायात पुलिस की ओर से सड़क सुरक्षा और जन-जीवन की रक्षा के उद्देश्य से अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत नशे की हालत में वाहन चलाने वाले चालकों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जा रही है ताकि सड़क दुर्घटनाओं और जानमाल की हानि को प्रभावी रूप से रोका जा सके।
जनवरी 2025 से अब तक 1050 वाहन चालकों के विरुद्ध भारतीय मोटर वाहन अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। इनमें से 247 चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा की गई जबकि 380 वाहनों को जब्त (इम्पाउंड) किया गया है। यह कार्रवाई केवल दंडात्मक न होकर, जनहित में की जा रही एक निवारक पहल है, ताकि आमजन को यह संदेश मिल सके कि नियमों की अवहेलना समाज की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है।
बुलेट मोटरसाइकिलों में अवैध मोडिफाइड साइलेंसर लगाकर ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले 258 युवाओं के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की गई है। उनके वाहन जब्त किए गए हैं। लेन ड्राइविंग के नियमों का उल्लंघन करने वाले 4918 वाहनों के खिलाफ भी क़ानूनी प्रावधानों के तहत संज्ञान लिया गया है। इसके अतिरिक्त, धारा 167(8) मोटर व्हीकल एक्ट के अंतर्गत जुर्माना न भरने वाले वाहनों को भी जब्त किया गया है।
पुलिस अधीक्षक (एसपी) सिद्धांत जैन ने कहा कि नशे में वाहन चलाना मात्र एक नियम उल्लंघन नहीं, बल्कि जानलेवा अपराध है। यह न सिर्फ वाहन चालक की जान को खतरे में डालता है, बल्कि निर्दोष राहगीरों की जिंदगी भी जोखिम में डालता है। मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के अनुसार यह एक गंभीर दंडनीय अपराध है, जिसमें 6 माह तक की कैद, 10,000 रुपये तक जुर्माना, ड्राइविंग लाइसेंस का निलंबन अथवा रद्दीकरण, तथा वाहन की जब्ती का स्पष्ट प्रावधान है। यदि ऐसे में किसी की मृत्यु या गंभीर दुर्घटना होती है तो बीएनएस की धारा 106 (गैर इरादतन हत्या) भी लागू की जा सकती है। जिले में अब ‘जीरो टोलरेंस नीति’ अपनाई गई है। यानी ऐसे मामलों में अब कोई चेतावनी नहीं दी जाएगी। बिना किसी पूर्व सूचना के, नशे में वाहन चलाने वालों के विरुद्ध सीधी कार्रवाई की जाएगी।