रतिया नगर पालिका के प्रधान एवं उपप्रधान पद का चुनाव शनिवार को संपन्न हो गया। इसमें वार्ड-5 की पार्षद बलजिंद्र कौर को सर्वसम्मति से प्रधान और वार्ड-9 की पार्षद सरबजीत कौर को उपप्रधान चुना गया। यह दोनों भाजपा के सुनीता दुग्गल गुट की पार्षद हैं, जबकि भाजपा के दूसरे गुट के पार्षदों ने चुनाव में हिस्सा नहीं लिया। इस चुनाव में कुल 17 में से 9 पार्षद शामिल हुए। इसके अलावा सांसद व स्थानीय विधायक भी चुनावी बैठक में मौजूद रहे। सबसे अहम बात इस चुनाव में भाजपा के जिला प्रधान सहित करीब सभी बड़े नेताओं ने दूरी बनाए रखी।
रतिया नगरपालिका अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति के लिए तथा उपाध्यक्ष का पद सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित है। पिछले कई दिनों से भाजपा में ही अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद के लिए सहमति नहीं बन पा रही थी। जिस कारण भाजपा दो गुटों में बंटी नजर आई। शनिवार को रतिया की एसडीएम पूजा चावरिया की अध्यक्षता में हुई चुनावी बैठक में 17 में से 9 पार्षद पहुंचे। इसके अलावा संासद चरणजीत रोड़ी और विधायक प्रो. रविंद्र सिंह बलियाला बैठक में शामिल हुए। सबसे पहले एसडीएम ने पार्षदों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलवाई।
उपमंडलाधीश ने कहा कि सभी पार्षदों को चुनाव तिथि, स्थान व समय के बारे में प्रशासन द्वारा सूचना दे दी गई थी तथा चुनाव के लिए निर्धारित समय तक इंतजार कर चुनाव प्रक्रिया ठीक 10:45 बजे शपथ की कार्यवाही के साथ शुरू की गई। बाद में प्रधान और उपप्रधान पद के इच्छुक उम्मीदवारों के नामांकन लिए गए। इसमें बलजिंद्र कौर का प्रधान पद तथा सरबजीत कौर का उपप्रधान पद के लिए केवल एक-एक नामांकन मिला। प्रधान पद के लिए पार्षद बलजिंद्र कौर के नाम का प्रस्ताव वार्ड-7 के पार्षद विनोद जग्गा ने रखा, जबकि इसका अनुमोदन वार्ड-16 की पार्षद ममता रानी गर्ग ने किया।
उपप्रधान पद के लिए वार्ड-9 की पार्षद सरबजीत कौर के नाम का प्रस्ताव वार्ड-11 की पार्षद मंजू रानी ने रखा और अनुमोदन वार्ड-2 के पार्षद नरेश शर्मा ने किया। इन दोनों के अलावा कोई और नामांकन नहीं आने पर सांसद चरणजीत सिंह रोड़ी और विधायक रविंद्र बलियाला सहित सभी मौजूद पार्षदों ने दोनों पदों पर सर्वसम्मति जता दी। एसडीएम ने एक-एक नामांकन आने पर दोनों को निर्विरोध चुन लिया।
एसडीएम पूजा चावरिया ने बताया कि नगरपालिका अधिनियम की धारा 27 के तहत नपा के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के चुनाव के लिए कोरम की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन फिर भी 17 पार्षद और सांसद व विधायक सहित 19 मत हो जाने के कारण कुल मतों में से 50 फीसदी से अधिक संख्या हो गई थी। इस कारण चुनाव प्रक्रिया संपन्न करवा दी गई।
कौन कौन पार्षद रहे मौजूद व नदारद
चुनाव प्रक्रिया में नगरपालिका के नवनिर्वाचित प्रधान एवं उपप्रधान के अलावा वार्ड-2 के पार्षद नरेश कुमार, वार्ड-3 से बबीता रानी, वार्ड-7 विनोद कुमार, वार्ड-11 से मंजु रानी, वार्ड-15 से किरतपाल कौर, वार्ड-16 से ममता रानी और वार्ड-17 की पार्षद गुरप्रीत सिंह उपस्थित रहीं। वहीं, वार्ड नंबर-1 के पार्षद हरजिंद्र सोनी, 4 से जगराज गाजी, 8 से प्रमजीत कौर, 10 से ममता सिंगला, 12 से ईषा नापा, 13 से विनोद कुमार और वार्ड-14 से सुरेंद्र कुमार चुनाव प्रक्रिया में शामिल नहीं हुए। इसके अलावा, वार्ड-6 के पार्षद भूपेंद्र सैनी विवादित परिस्थितियों के कारण न्यायिक हिरासत में हैं।
अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को लेकर पार्षदों का खेमा दो धड़ों में बंटा नजर आया। माना जा रहा है कि दूसरे पक्ष के लोग शहर में ही किसी एक जगह पर बैठक कर मंत्रणा कर रहे थे। उन्हें उम्मीद थी कि कोरम पूरा न होने के चलते चुनाव नहीं हो पाएगा। चुनाव प्रक्रिया में सांसद व विधायक की सहमति भी अहम मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि बहुमत पूरा करने के लिए उनका पूरा योगदान रहा, जिसके चलते चुनाव प्रक्रिया पूरी हुई।
नदारद पार्षदों ने जनादेश का अपमान किया
सांसद और विधायक ने चुनाव प्रक्रिया में भाग न लेने वाले पार्षदों के बारे में कहा कि उन्होंने लोकतंत्र प्रणाली का अपमान किया है। उन्हें इस प्रक्रिया में भाग लेना चाहिए था। उन्होंने कहा कि यह चुनाव किसी विशेष पार्टी का नहीं था, बल्कि आपसी भाईचारे का था।
शहर में सफाई व्यवस्था होगा प्रमुख मुद्दा : बलजिंद्र कौर
नवनिर्वाचित प्रधान बलजिंद्र कौर, उपप्रधान सरबजीत कौर, भाजपा के जिला महामंत्री विनोद जग्गा व अन्य पार्षदों ने कहा कि यह भाजपा की जीत है। भाजपा की विकास नीतियों के तहत शहर का बिना भेदभाव के संपूर्ण विकास करवाया जाएगा। शहर में सफाई व्यवस्था उनका प्रमुख मुद्दा रहेगा।
फिर महिलाओं का वर्चस्व
नगरपालिका प्रधान व उपप्रधान पद पर जहां दोनों पदों पर भाजपा के उम्मीदवार जीत गए, वहीं दोनों पर महिला पार्षद चुने जाने से महिलाओं का वर्चस्व बढ़ा है। इससे पहले रतिया ब्लॉक समिति के चुनाव में भी प्रधान व उपप्रधान पद पर दोनों महिलाएं चुनी गई थीं।