हिमाचल की शिवालिक की पहाड़ियों में बारिश होने से घग्घर नदी में रविवार को दूसरे दिन भी लगातार जलस्तर में वृद्धि देखी गई। रविवार को फतेहाबाद के चांदपुरा साइफन में 2000 क्यूसिक पानी का बहाव दर्ज किया गया। जबकि शनिवार को यह 1640 क्यूसिक पर था। इसी तरह गुहलाचीका व खनौरी में भी जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता पवन वर्मा ने इसकी पुष्टि की है। घग्घर का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती क्षेत्रों में बसे 106 गांवों के लोग भयभीत हो जाते हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हिमाचल प्रदेश की शिवालिक की पहाड़ियों व हिमाचल से सटे हरियाणा के क्षेत्रों में बारिश होने से इसका पानी घग्घर नदी में आ गया। घग्घर नदी कालका से चलकर पंजाब के पटियाला, गुहलाचीका, कैथल, खनौरी होते हुए फतेहाबाद में प्रवेश करती है। यहां टोहाना, जाखल, चांदपुरा, रतिया होती हुई सिरसा की तरफ निकल जाती है। पिछले दिनों हुई बारिश का पानी अब यहां पहुंचने लगा है।
शनिवार को चांदपुरा साइफन में 1300 क्यूसिक, खनौरी में 1500 व गुहलाचीका में 1540 क्यूसिक पानी का बहाव दर्ज किया गया। रविवार सुबह यह बढ़कर चांदपुरा में 1640, खनौरी में 2200 व गुहलाचीका में 3080 तक पहुंच गया। सिंचाई विभाग द्वारा रविवार शाम 4 बजे घग्घर से ली गई गेज के अनुसार चांदपुरा में 1980 क्यूसिक पानी, खनौरी में 4050 व गुहलाचीका में 6180 क्यूसिक पानी का बहाव दर्ज किया गया।
पिछले दो-तीन दिनों से हिमाचल के साथ सटे क्षेत्रों में बारिश होने घग्घर में जलस्तर बढ़ने से यहां के लोग भयभीत है। हालांकि प्रशासन की ओर से बाढ़ की किसी प्रकार की आंशका से इंकार किया गया है। लेकिन बढ़ते जलस्तर को लेकर यहां के किसान आशंकित है। किसानों का कहना है कि पानी का बहाव ऐसे ही बढ़ता रहा तो कभी भी पुराने खोखले हो चुके तटबंध व किनारे टूट सक ते हैं। जाखल के किसान रामसिंह, गुरतेज सिंह, गुरजंट सिंह ने बताया है कि वह घग्घर के पानी पर लगातार नजर रखे हुए है। यदि पीछे से पानी का दबाव बढ़ता है तो यहां बाढ़ आना लाजमी है।
मालूम हो कि जिला में करीब 10 बार बाढ़ अपनी विनाश लीला दिखा चुकी है। बाढ़ से यहां 106 गांवों की अलावा हजारों एकड़ जमीन जलमग्न हो जाती है। लोग पीने के पानी और खाने के मोहताज हो जाते हैं। स्कूलों में छुट्टियां हो जाती है।
अभी स्थानीय स्तर पर तो बरसात नहीं हो रही और पानी का बहाव काफी कम है। फिलहाल बाढ़ की कोई आशंका नहीं हैं। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पुख्ता प्रबंध कर लिए है।
- पवन वर्मा
-कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग, फतेहाबाद।