शनिवार शाम को अचानक मौसम ने करवट ली और आसमान में बादल छा गए। काली घटाएं छा जाने के बाद तेज बरसात शुरू हो गई। बरसात से पिछले दिनों से चला आ रहा 32 डिग्री सेल्सियस तापमान गिरकर 15 तक आ पहुंचा। बरसात से लोगों को राहत तो मिली लेकिन गेहूं उत्पादक किसानों की धड़कनें बढ़ गई हैं।
वजह, बारिश के बाद तेज हवा के कारण गेहूं की फसल जमीन पर बिछ सकती है। वहीं, भट्टू के खाबड़ा कलां सहित कई गांवों में ओलावृष्टि होने की सूचना है। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो कुछ दिन और ऐसे रुक-रुक कर बरसात होने के आसार हैं। बता दें कि इस बार जिले में एक लाख 88 हजार हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की बिजाई हुई है। बिजाई के बाद से ही बारिश नहीं हुई, जिससे किसानों को डीजल डालकर पंपों से सिंचाई करनी पड़ी।
शनिवार शाम को करीब डेढ़ घंटे तक चली बरसात के कारण शहर की सड़कें पानी से भर गईं। वहीं, तापमान गिरने से लोगों को राहत महसूस हुई। कृषि विभाग के अनुसार डेढ़ घंटे में करीब 15 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है। गांव माजरा के किसान हरिचंद व नागपुर के किसान बलदेव मेहता ने बताया कि पहले बरसात हुई नहीं और अब फसल पकने को है तो बरसात हो गई। इस बारिश से नुकसान की संभावना ज्यादा है।
उधर, जाखल में भी शुक्रवार रात से ही क्षेत्र में बूंदाबांदी शुरू हो गई थी। अगले दिन सुबह तेज धूप निकली। दोपहर बाद चार बजे छाए घने काले बादल तेज हवाओं के साथ बरसे। देर तक मूसलाधार बारिश हुई। बरसात से कई जगहों पर पानी भर गया। वहीं, गांवों में बारिश के कारण गलियों में कीचड़ फैल गया, जिससे लोगों को परेशानी हुई।
टोहाना में सुबह सवेरे हुई बरसात व पूरा दिन आसमान में छाई काली घटाओं ने किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें बढ़ा दी हैं। गेहूं की फसल पकाई की ओर है तथा आगामी कुछ दिनों में फसल के आने के आसार बने हुए हैं। पिछली दो बार गेहूं और नरमे की फसल के नुकसान से किसान अभी उबर नहीं पाया था कि शनिवार को हुई बरसात ने उनके जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है। किसान गोपाल कथुरिया, जसपाल सिंह, राजवीर सिंह, जिले सिंह आदि ने बताया कि बारिश ने उनकी चिंता बढ़ा दी है।
शनिवार को जो बरसात हुई वह तो ठीक है, लेकिन इसके बाद अगर तेज बारिश होती है और हवा चलती है तो फसल को नुकसान होगा। गेहूं का दाना तैयार है। थोड़ी सी हवा चलते ही गिर जाएगा।
बलवंत सिंह सहारण, डिप्टी डायरेक्टर कृषि विभाग