सिरसा जिले को छोड़कर हरियाणा के सभी जिलों में मानसून सक्रिय हो चुका है। पिछले दो दिनों के दौरान प्रदेशभर में हुई बारिश के बाद तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। प्रदेश के सभी जिलों में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। महेंद्रगढ़ में सामान्य से छह डिग्री कम 33.5 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून शनिवार को उत्तरी अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश के शेष हिस्सों तथा राजस्थान और हरियाणा के कुछ और क्षेत्रों में आगे बढ़ गया है। अगले चार से पांच दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के उत्तरी अरब सागर, गुजरात, हरियाणा और पंजाब के शेष भागों और राजस्थान के कुछ अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।
उन्होंने बताया कि सिरसा जिले के कुछ हिस्सों को छोड़कर संपूर्ण हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली में मानसून का आगमन हो चुका है। पिछले 24 घंटों के दौरान करनाल में 1.8 मिमी, रोहतक में 2 मिमी, गुरुग्राम में 5 मिमी, भिवानी में 2 मिमी, चरखी दादरी में 2 मिमी, महेंद्रगढ़ में 6 मिमी, मेवात में 1 मिमी, पलवल में 2 मिमी, सोनीपत में 6 मिमी और यमुनानगर में 11 मिमी बारिश दर्ज की गई।
इस सीजन में एक दिन में हिसार में हुई सबसे ज्यादा 56 एमएम बारिश
डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि मानसून सीजन में एक दिन में सबसे अधिक वर्षा हिसार जिले में दर्ज की गई है। मंगलवार को जिले में 56.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई थी। बारिश के बाद तापमान में भी गिरावट आई है। हिसार में अधिकतम तापमान 40.7 डिग्री सेल्सियस से घटकर 36.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, यानी करीब 5 डिग्री की कमी दर्ज की गई। वहीं रोहतक में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश के अधिकांश जिलों में 7 जुलाई तक बारिश की संभावना बनी हुई है। जुलाई के पहले पखवाड़े में प्रदेशभर में रुक-रुक कर वर्षा होने के आसार हैं। हालांकि बारिश के बीच उमस बढ़ने पर लोगों को गर्मी का एहसास भी हो सकता है।