ड्रग विभाग के अधिकारी पुलिस के साथ मेडिकल स्टोर की जांच करते हुए। संवाद
रतिया। क्षेत्र में नशे के बढ़ते मामलों और हाल ही में युवाओं की संदिग्ध मौतों के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है। बुधवार को स्टेट ड्रग (राज्य औषधि नियंत्रण विभाग) विभाग और स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की संयुक्त टीम ने जिले में व्यापक छापेमारी की। इस दौरान गांव रत्ताखेड़ा, पुराना बस स्टैंड, टोहाना रोड और मुख्य बाजार में 6 मेडिकल हॉल का निरीक्षण किया। टीम ने दवाइयों के स्टॉक, बिक्री रिकॉर्ड और प्रतिबंधित नशीली दवाओं की उपलब्धता की गहनता से जांच की।
अभियान का नेतृत्व सिरसा जोन के सीनियर ड्रग कंट्रोल अधिकारी रमन कुमार और फरीदाबाद के सीनियर ड्रग कंट्रोल अधिकारी कृष्ण कुमार गर्ग ने किया।टीम में ड्रग कंट्रोल अधिकारी संदीप गहलान और प्रदीप राठी सहित तीन अलग-अलग टीमें शामिल थीं।
सीनियर ड्रग कंट्रोल अधिकारी कृष्ण कुमार ने बताया कि रजिस्टर और डॉक्टर की पर्चियों का मिलान कर बिना अनुमति नशीली दवाओं की बिक्री पर रोक लगाने का प्रयास किया गया। प्रारंभिक जांच में कोई बड़ी बरामदगी नहीं हुई, लेकिन कार्रवाई देर शाम तक जारी रही।
शहर थाना प्रभारी पुष्पा सिहाग ने कहा कि यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा और शहर में किसी भी प्रकार की प्रतिबंधित नशीली दवाओं की बिक्री नहीं होने दी जाएगी। जिन मेडिकल स्टोर्स के रिकॉर्ड में खामियां पाई जाएंगी उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।