कुलां। धारसूल अनाज मंडी में धान खरीद शुरू होते ही राइस मिलरों की खरीद और निजी स्टॉक को लेकर सवाल उठने लगे हैं। गांव धारसूल कलां निवासी राजेंद्र काला ने प्रशासन से मंडी में आ रही धान की खेप, किसानों की पहचान, गेट पास, खरीद रिकॉर्ड और निजी गोदामों में रखे स्टॉक की जांच की मांग की है।
राजेंद्र काला ने आरोप लगाया कि कुछ राइस मिलर किसानों से सरकारी समर्थन मूल्य से कम दाम पर धान खरीद रहे हैं। इसके साथ ही प्रति क्विंटल दो से तीन किलो तक कटौती किए जाने का भी आरोप लगाया। उनका दावा है कि एक राइस मिलर की रेट पर्ची उनके पास है, जिसमें सरकारी रेट से करीब 200 रुपये कम कीमत और दो किलो कटौती दर्ज है।
उन्होंने आशंका जताई कि किसानों से खरीदा गया धान निजी गोदामों में रखने के बाद ट्रैक्टर-ट्रालियों से मंडी में लाया जा सकता है और उसे सरकारी खरीद में दिखाया जा सकता है। उन्होंने गेट पास जारी करते समय संबंधित किसान की पहचान और रिकॉर्ड सत्यापन की मांग की है।
काला ने निजी गोदामों में धान के स्टॉक और वहां से मंडी तक धान पहुंचाने के वीडियो होने का दावा किया। उन्होंने बताया कि उपलब्ध जानकारी जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी को भेजी जा चुकी है। साथ ही राइस मिलरों की फर्मों, किसानों के रिकॉर्ड, गेट पास, खरीद रजिस्टर और भुगतान विवरण का मिलान कराने की मांग की।
धान खरीद नियमानुसार होगी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि कम दाम पर धान खरीदकर सरकारी रेट पर बेचने का मामला संज्ञान में है और डीएमईओ को इसकी जानकारी दी गई है। दिशा-निर्देश मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कुशलपाल बूरा, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक