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Fatehabad: हरपाल सिंह की मौत के मामले ने पकड़ा तूल, आठ गांवों के लोग लघुसचिवालय के बाहर धरने पर बैठे

Sun, 03 Sep 2023 02:24 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद

सार

धरने का नेतृत्व कर रहे सतबीर सहारण ने कहा कि हरपाल सिंह बिश्नोई नाढोड़ी का निवासी है और फतेहाबाद के हुडा सेक्टर में रह रहा था। एक जुलाई को पुलिस की नारकोटिक्स सेल टीम ने उसे उठा लिया। वह तब सब्जी लेने गए हुए थे। आरोप है कि पैसों के लिए हरपाल सिंह को इतना मारा गया कि उसका ब्रेन हेमरेज हो गया और वह कोमा में चला गया।
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धरने पर लगा बैनर - फोटो : संवाद
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विस्तार
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गांव नाढ़ोडी हाल फतेहाबाद के हुडा सेक्टर तीन निवासी हरपाल सिंह बिश्नोई की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। रविवार को लघुसचिवालय के बाहर आठ गांवों नाढोड़ी, बोस्ती, धांगड़, बड़ोपल, खाराखेड़ी, चिंदड़, अयाल्की व भूना के ग्रामीणों ने धरना शुरू कर दिया है। इसके अलावा व्यापारी और प्रॉपर्टी डीलर भी धरने में शामिल है।
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सुबह शुरू हुए धरने में मौजूद लोगों ने आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की है। धरने में मौजूद लोगों का कहना है कि हरपाल बिश्नोई की मौत के जिम्मेदार आरोपी पुलिसकर्मी है। हरपाल सिंह को इतना टॉर्चर किया गया कि वह कोमा में चला गया और उसकी मौत हो गई। जब तक आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज नहीं होता है तब तक धरना जारी रहेगा और वह रोहतक पीजीआई से शव भी नहीं लेकर आएंगे और न ही अंतिम संस्कार करेंगे। समाज के लोगों ने कहा कि हिसार में जन्माष्टमी पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल का कार्यक्रम है, अगर आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो विरोध करेंगे।

इंस्पेक्टर पवन पर लगाए गंभीर आरोप 
धरने में 150 से 200 लोग शामिल है। धरने का नेतृत्व कर रहे सतबीर सहारण ने कहा कि हरपाल सिंह बिश्नोई नाढोड़ी का निवासी है और फतेहाबाद के हुडा सेक्टर में रह रहा था। एक जुलाई को पुलिस की नारकोटिक्स सेल टीम ने उसे उठा लिया। वह तब सब्जी लेने गए हुए थे। दो जुलाई की सुबह परिवार के पास एएसआई हेमराज नारकोटिक्स सेल का फोन आया और कहा कि हरपाल सिंह को पुलिस ने पकड़ लिया है और वह रोहतक अर्बन स्टेट थाने में है। परिवार को रोहतक में उससे मिलने नहीं दिया गया। 
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कोर्ट के गेट पर हरपाल सिंह ने अपनी पत्नी को कहा था कि ये लोग पीट रहे है और उसे मार देंगे। 15-20 लाख रुपये का इंतजाम कर लो नहीं तो मुझे पीट कर व पानी में डुबोकर मार देंगे। इसके बाद वही हुआ। आरोप है कि पैसों के लिए हरपाल सिंह को इतना मारा गया कि उसका ब्रेन हेमरेज हो गया और वह कोमा में चला गया। 31 अगस्त को उसकी मौत हो गई। सहारण ने इंस्पेक्टर पवन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इसके खिलाफ प्रताड़ना के ऐसे मामले पहले भी सामने आ चुके है। पुलिस के पास अधिकार नहीं है कि वह किसी को ऐसे प्रताड़ित करे। हरपाल सिंह को अफीम के झूठे मामले में फंसाया गया।

किसान भी समर्थन में आए 
हरपाल की मौत मामले में किसान भी समर्थन में आ गए हैं। किसानों ने भी लघुसचिवालय के बाहर धरना दिया। धरने में संयुक्त किसान मोर्चा, अखिल भारतीय किसान सभा, खेती बचाओ संघर्ष समिति, भारतीय किसान यूनियन चढूनी आदि संगठन शामिल है।

प्रॉपर्टी डीलर का भी करता था हरपाल 
हरपाल सिंह गाड़ी सेल-परचेज, प्रॉपर्टी डीलर का भी काम करता था। इसके अलावा कई विभागों में अनुबंध पर गाड़ी भी लगा रखी है। हरपाल सिंह अपनी पत्नी सुमन और बेटे आदित्य के साथ हुडा सेक्टर में रह रहा था।
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मेरे पापा के हत्यारों को गिरफ्तार करो 
लघुसचिवालय के बाहर लगाए धरने में मेरे पापा के हत्यारों को गिरफ्तार करो के बैनर लगाए गए है। वहीं सीआईडी भी धरने को लेकर पल-पल की रिपोर्ट ले रही है।
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