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Fatehabad News: किसान की जमीन नीलाम करने का विरोध

Wed, 17 Dec 2025 11:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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गांव नडेल में धरने के दौरान पुलिस से बातचीत करते किसान। स्रोत : ग्रामीण
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जाखल। खंड के गांव नडेल में एक किसान की जमीन नीलाम करने के विरोध में बुधवार को जमकर हंगामा हुआ।। भारतीय किसान यूनियन (एकता उग्रहां) के बैनरतले किसानों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कोर्ट के आदेश का पालन कराने के लिए जाखल के नायब तहसीलदार रशविंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और नीलामी शुरू करने का प्रयास किया। काफी देर तक कोई भी नीलामी में शामिल नहीं हुआ। नायब तहसीलदार लौटने लगे तो किसानों ने उन्हें घेर लिया और करीब डेढ़ घंटे तक बंधक बनाकर रखा। सूचना मिलने पर जाखल थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालकर कार्यालय पहुंचाया। इस मामले में नायब तहसीलदार की शिकायत पर 14 ग्रामीणों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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इससे पहले, भाकियू एकता उग्रहां की ओर से इस मामले में गांव में सुबह 10 बजे धरना शुरू किया गया। किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि किसानों पर किसी भी प्रकार की तानाशाही सहन नहीं की जाएगी। किसान नेता निर्भय रतिया ने बताया कि गांव नडेल के एक किसान ने जाखल मंडी के एक आढ़ती से करीब 7 लाख रुपये का कर्ज लिया था, जो ब्याज सहित बढ़कर अब लगभग 27 लाख रुपये हो चुका है।



27 लाख के कर्ज के बदले 4 करोड़ की जमीन की नीलामी स्वीकार्य नहीं

किसान नेताओं ने कहा कि जमीन की नीलामी किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी। इस विवाद को पंचायत के माध्यम से बैठकर सुलझाने के लिए संगठन तैयार है। बुधवार को न तो किसी ने नीलामी में भाग लिया और न ही कोई बोली लगाई गई। भविष्य में फिर से कोई कार्रवाई की गई तो विरोध किया जाएगा। संबंधित किसान के पुत्र बलौर सिंह ने बताया कि उनके पिता ने आढ़ती से कर्ज लिया था, लेकिन दो वर्ष पूर्व उनके पिता का निधन हो चुका है। उन्हें इस पूरे मामले की जानकारी नहीं थी फिर भी उनके साथ अन्याय किया जा रहा है।
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इस मामले में मैने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट की ओर से जमीन नीलाम करने के आदेश दिए गए है। कोर्ट का फैसला सर्वोपरि है। -जगदीश राय, आढ़ती
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नीलामी प्रक्रिया में किसी के शामिल न होने पर चला गया था। किसानों को डर था कि कहीं दूसरी जगह नीलामी शुरू न हो जाए। गांव के पंचायत घर में पहुंचकर ग्रामीणों के साथ मौजूद था- लौट रहा था किसानों ने बंधक बना लिया। - रशविंद्रर सिंह, नायब तहसीलदार
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