सर्वे करने वाली एजेंसी के अधिकारियों साथ बैठक करते ईओ।
फतेहाबाद। नगर परिषद की सीमा बढ़ने के बाद उसमें नई कॉलोनियां शामिल हुई हैं। इन कॉलोनियों के प्रॉपर्टी मालिकों को भी अब जल्द आईडी मिलने जा रही है। गाजियाबाद की एजेंसी ने प्रॉपर्टी आईडी सर्वे पूरा कर लिया है। सर्वे के दौरान 51 कॉलोनियों में करीब 12 हजार 800 प्रॉपर्टी मिली हैं। एजेंसी ने नगर परिषद को सर्वे रिकॉर्ड सौंपा है। सर्वे सही हुआ है या नहीं इसको लेकर नगर परिषद अधिकारी खुद रैंडम जांच करेंगे।
रैंडम जांच के दौरान पता लगाया जाएगा कि सर्वे में जो रिपोर्ट दी है वह सही है या नहीं या फिर याशी कंपनी की तरह गलत रिपोर्ट तैयार की गई है। अगर रैंडम जांच में 90 फीसदी तक रिपोर्ट सही मिलती है तो ही नगर परिषद एजेंसी को भुगतान करेगा। नगर परिषद ने एजेंसी से 125 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से सर्वे करवाया है। कंपनी ने जिन कॉलोनियों का सर्वे किया है वहां का प्रॉपर्टी आईडी रिकॉर्ड निदेशालय में भेजा जाएगा। ये रिकॉर्ड ऑनलाइन भी दर्ज होगा। इससे पहले एजेंसी प्रॉपर्टी मालिकों से आपत्तियां भी लेगा। आपत्तियां लेने के लिए प्री असेसमेंट नोटिस दिए जाएंगे।
रजिस्ट्री के लिए देना होगा डेवलपमेंट चार्ज
नगर परिषद सीमा में हंस कॉलोनी, स्वामी नगर, आजाद नगर, हरनाम सिंह कॉलोनी, आदर्श नगर, कालीदास कॉलोनी शामिल हुई है। प्रॉपर्टी आईडी सर्वे में 51 कॉलोनी मिली है। इन क्षेत्रों में फिलहाल रजिस्ट्री बंद है। प्रॉपर्टी आईडी जारी होने के बाद रजिस्ट्री भी शुरू हो जाएगी। हालांकि प्रॉपर्टी मालिकों को विकास शुल्क भी देना होगा। इसके अलावा गृहकर भी लगना शुरू हो जाएगा।
शहर के 30 हजार प्रॉपर्टी मालिकों को जारी होंगे बिल
वर्ष 2024-25 के गृहकर बिल अभी तक जारी नहीं हुए है। आचार संहिता के बाद ही शहर के 30 हजार प्रॉपर्टी मालिकों को नए बिल जारी होंगे। नगर परिषद निदेशालय से अनुमति लेकर बिल बंटवाने का टेंडर जारी करेगा। इस प्रक्रिया में ही डेढ़ से दो माह का समय लग सकता है। बिल बंटने के बाद ही नगर परिषद को गृहकर की रिकवरी होगी।
ये है जिले के पांच शहरों में प्रॉपर्टी की स्थिति
शहर प्रॉपर्टी
भूना 11465
फतेहाबाद 30507
जाखल 4669
रतिया 19135
टोहाना 28040
कोट
शहर की सीमा बढ़ने के बाद उसमें जो कॉलोनियां शामिल हुई है। वहां पर प्रॉपर्टी आईडी सर्वे करवाया गया है। सर्वे पूरा हो चुका है। रैंडम जांच की जाएगी कि एजेंसी ने रिकॉर्ड ठीक दर्ज किया है या त्रुटियां है। प्रॉपर्टी मालिकों से आपत्तियां भी ली जाएंगी।
- राजेंद्र सोनी, ईओ नगर परिषद