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Fatehabad News: प्रॉपर्टी आईडी सर्वे पूरा, कैंप में आकर देखना होगा रिकॉर्ड, दर्ज करवा सकेंगे आपत्ति

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फतेहाबाद। नगर परिषद की करीब ढाई साल पहले सीमा बढ़ाई गई थी, इसमें शामिल हुईं कॉलोनियों पर अब शहर की शर्तें भी लागू होनी शुरू हो गई हैं। नगर परिषद ने इन कॉलोनियों का प्रॉपर्टी आईडी सर्वे पूरा करवा लिया है। सर्वे में 51 कॉलोनियों के 12800 प्रॉपर्टी सामने आई हैं, गाजियाबाद की एजेंसी ने ये सर्वे पूरा किया है। नगर परिषद सर्वे को लेकर अब शहर की बाहरी कॉलोनियों के प्रॉपर्टी मालिकों से आपत्तियां लेगा। इसको लेकर 24 जून से नगर परिषद कार्यालय 14 जुलाई तक कैंप लगाए जाएंगे।
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कैंप में संबंधित कॉलोनियों के प्रॉपर्टी मालिक अपनी आईडी की जांच कर सकेंगे। इसके अलावा अगर उन्हें इसमें त्रुटि मिलती है तो उसे दुरूस्त भी करवा पाएंगे। एजेंसी के अधिकारी और कर्मचारी कैंप में मौजूद रहेंगे जो कि मौके पर ही समाधान करेंगे। नगर परिषद रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज होने से प्रॉपर्टी आईडी में आई त्रुटियों को ठीक करवा रहा है ताकि बाद में दिक्कत न आएं। विभाग ये कैंप नगर परिषद कार्यालय के बैठक हॉल में लगाएगा। इसको लेकर नगर परिषद की तरफ से सूचना भी जारी कर दी गई है। नगर परिषद सीमा में शामिल हुई कॉलोनियों के प्रॉपर्टी आईडी सर्वे का काम पहले याशी कंपनी को सौंपा गया था लेकिन बाद में इसे रद कर दिया गया था। इसके बाद नगर परिषद ने दोबारा टेंडर लगाकर गाजियाबाद की एजेंसी को काम दिया। एजेंसी ने 125 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से सर्वे किया है।

नाम से लेकर एरिया तक की आपत्तियां होंगी दूर
नगर परिषद सीमा बढऩे के बाद इसमें स्वामी नगर, हंस कॉलोनी, आदर्श कॉलोनी, हरनाम सिंह कॉलोनी, कालीदास कॉलोनी, सेक्टर तीन का कुछ हिस्सा, सेक्टर 8, अल्फा सिटी, सोमा टाउन समेत 51 कॉलोनियां शामिल हुई है। एजेंसी के कर्मचारियों ने डोर टू डोर सर्वे किया है। अधिकारियों की माने तो सर्वे के दौरान अगर किसी का नाम गलत दर्ज हो गया या एरिया गलत है तो उसे ठीक करवाया जा सकता है। इसके अलावा अगर मोबाइल नंबर भी गलत दर्ज है तो वह ठीक हो पाएगा। व्यावसायिक या रिहायशी क्षेत्र को लेकर भी अगर आपत्ति है तो उसे भी ठीक करवाया जा सकेगा। फिलहाल एजेंसी ने नगर परिषद को मैनुअल रिकॉर्ड दिया है।
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रजिस्ट्री के लिए देना होगा विकास शुल्क
नगर परिषद की जो सीमा बढ़ी है उसके प्रॉपर्टी आईडी सर्वे में 51 कॉलोनी मिली है। इन क्षेत्रों में फिलहाल रजिस्ट्री बंद है। प्रॉपर्टी आईडी जारी होने के बाद रजिस्ट्री भी शुरू हो जाएगी। हालांकि प्रॉपर्टी मालिकों को विकास शुल्क भी देना होगा। इसके अलावा गृहकर भी लगना शुरू हो जाएगा।

किराया भरने का नोटिस मिला तो दुकानदारों में मचा हड़कंप
नगर परिषद ने किराएदारों को किराये का भुगतान न करने पर नोटिस जारी किए है। नोटिस मिलते ही अब दुकानदारों में हड़कंप मचा हुआ है। वीरवार को डीएसपी रोड, ताऊ देवीलाल मार्केट, लाजपत नगर चौक के दुकानदार पूर्ण चंद्र, पवन कुमार, सदानंद आदि नगर परिषद प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची के पास पहुंचे। दुकानदारों ने कहा कि उन्हें किराये को लेकर नोटिस दिया गया है। पहले ये दुकानें इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के अधीन थीं लेकिन बाद में इसे नगर परिषद में शामिल कर दिया गया। किराया पहले तय था लेकिन बाद में जीएसटी जोड़ा गया। दुकानदार जब किराया जमा करवाने के लिए आए तो बिना जीएसटी जमा करने से मनाकर दिया गया। इसी के चलते लाखों रुपये किराया बकाया हो गया है। दुकानदारों ने कहा कि जीएसटी हटाया जाए और ब्याज माफ किया जाए। नगर परिषद प्रधान खिंची ने इस संबंध में ईओ राजेंद्र सोनी को कार्रवाई के लिए निर्देश दिए हैं। बताया जा रहा है कि 17 दुकानें हैं और इसमें से दो से तीन दुकानदार ही नियमित किराया भर रहे हैं।
कोट
नगर परिषद की सीमा बढ़ने के बाद इसमें शामिल हुई कॉलोनियों में प्रॉपर्टी आईडी सर्वे पूरा हो चुका है। इसको लेकर 24 जून से 14 जुलाई तक आपत्तियां मांगी गई हैं। बैठक हॉल में आकर प्रॉपर्टी मालिक आईडी संबंधित आपत्ति दर्ज करवा सकेंगे।
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- राजेंद्र सोनी, ईओ नगर परिषद
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