फतेहाबाद। जिला नागरिक अस्पताल से अब हेपेटाइटिस सी और बी के सैंपल सप्ताह में एक बार में सिर्फ 20-20 ही भेजे जाएंगे। ये सैंपल सप्ताह में मंगलवार को ही रोहतक पीजीआई जाएंगे। रोहतक पीजीआई ने हेपेटाइटिस के बढ़ते सैंपलों के दबाव के चलते जिले से 20 से ज्यादा सैंपल लेने से मना कर दिया है। इससे पहले जिले से 50-50 सैंपल रोहतक पीजीआई को भेजे जा रहे थे। सैंपलों की संख्या कम करने से मरीजों की वेटिंग बढऩा तय है।
जिले में अब तक हेपेटाइटिस सी के पांच हजार से ज्यादा मरीज उपचार ले चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा हेपेटाइटिस सी और बी के सैंपल पहले जिला मुख्यालय की सीएचसी बड़ोपल में खोली गई आरटीपीसीआर लैब में भेजे जा रहे थे। यहां पर माइक्रोबायोलॉजिस्ट का पद खाली होने के बाद सैंपल रोहतक पीजीआई भेजने शुरू किए गए हैं।
जिले में हेपेटाइटिस सी के मरीज रजिस्टर्ड - 6900
जांच में पॉजिटिव मिल चुके मरीज - 5400
निजी लैब से अनुबंध खत्म होने के बाद बढ़ी परेशानी :
पिछले साल तक जिला मुख्यालय में ही निजी लैब से हेपेटाइटिस सी और बी की जांच हो रही थी, लेकिन निजी लैब से अनुबंध खत्म करके आरटीपीसीआर लैब में शुरू किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा रजिस्टर्ड मरीज को कार्ड जारी किया जाता था। इसके आधार पर मरीज जांच करवा सकता था।
ऐसे फैलता है हेपेटाइटिस सी
- हेपेटाइटिस व्यक्ति के खून के संपर्क में आने से हेपेटाइटिस सी हो सकता है।
- सूई व सिरिंज का दोबारा प्रयोग करने से
- पहले से प्रयोग की गई सूई द्वारा टैटू बनाया जाए और नाक या कान में छेद किया जाए।
- असुरक्षित यौन संबंधों द्वारा हेपेटाइटिस सी फैलने की संभावना रहती है।
हेपेटाइटिस सी और बी के सैंपल रोहतक पीजीआई में 20-20 ही भेजे जाएंगे। पहले ज्यादा भेजे जा रहे थे, लेकिन रोहतक पीजीआई ने कम भेजने को कहा है। हेपेटाइटिस सी के सैंपलों को लेकर कुछ परेशानी हो सकती है। हेपेटाइटिस बी के सैंपल सप्ताह में 10 से कम ही भेजे जाते हैं।
- डॉ.मनीष टुटेजा, विशेषज्ञ नागरिक अस्पताल