जाखल। शहर की नई बस्ती की तरफ पुराने पटवार भवन से लेकर जाखल रेलवे स्टेशन की तरफ तक लोक निर्माण विभाग की सरकारी जमीन पर किए गए अवैध कब्जों को हटाने के लिए प्रशासन अब तैयारी में जुट गया है। एक अवैध कब्जे का मामला जिला कष्ट निवारण समिति में पहुंचने के बाद प्रशासनिक अधिकारी हरकत में आए हैं।
इसे लेकर जाखल के नायब तहसीलदार द्वारा कानूनगो को नोटिस देकर उक्त जगह की निशानदेही कराने के आदेश दिए हैं। जिस पर कार्रवाई करते हुए कानूनगो द्वारा पटवारी को पत्र भेज कर 12 दिसंबर को मौके पर पहुंचकर इस जगह की पैमाइश कर अवैध कब्जों पर निशान लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं।
इस जगह से अतिक्रमण हटाने को लेकर लोक निर्माण विभाग द्वारा कब्जा करने वाले 62 लोगों को काफी समय पहले नोटिस जारी कर 15 दिन में अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी गई थी।
कुछ लोगों द्वारा अपने मकान निर्माण में पीडब्ल्यूडी की भूमि पर कब्जा किया हुआ हैं। विभाग द्वारा उस समय अतिक्रमणकारियों को जारी किए गए नोटिस में 15 दिन की समयावधि में अतिक्रमण न हटाने पर कार्रवाई की बात कही गई थी, लेकिन उसके बाद मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था।
डीजीपीएस मशीन की मदद से होगी निशानदेही
नायब तहसीलदार के आदेशों के बाद अब लोक निर्माण विभाग की ओर से उपलब्ध कराई गई डिफरेंशियल ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (डीजीपीएस) मशीन की मदद से कानूनगो की देखरेख में 12 दिसंबर को उक्त जगह की निशानदेही कराने का निर्णय लिया गया है। इसे लेकर कानूनगो द्वारा पटवारी को स्वयं मौके पर राजस्व रिकॉर्ड के साथ उपस्थित रहने के साथ चौकीदार, पार्षद, नंबरदार व अन्य संबंधित लोगों को मौके पर हाजिर होने के लिए सूचित करने के निर्देश दिए हैं। क्षेत्रीय कानूनगो द्वारा इस पत्र की एक प्रति लोक निर्माण विभाग के उपमंडल अभियंता को भेजकर उनके अधिकारी, कर्मचारियों को मशीन सहित निशानदेही के लिए मौके पर भेजने का अनुरोध किया गया है। जाखल नगरपालिका के अधिकारी, कर्मचारियों को भी मौके पर हाजिर होने के लिए पत्र भेजा गया है।
इस मामले को लेकर कानूनगो, पटवारी सहित लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को पत्र भेजकर मौके पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। 12 दिसंबर को इस मार्ग की निशानदेही करवाई जाएगी। उसके बाद जो रिपोर्ट होगी, वह कष्ट निवारण समिति में रख दी जाएगी।
रसविंद्र सिंह धून, नायब तहसीलदार, जाखल