दशम पातशाही गुरु गोबिंद सिंह महाराज के प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में रतिया में प्रभात फेरी निकाली
रतिया। दशम पातशाही गुरु गोबिंद सिंह महाराज के प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में शहर में संगत के सहयोग व प्रभात फेरी सोसायटी की ओर से लगातार प्रभात फेरी निकाली जा रही है। सोसायटी के सदस्य गुरचरण सिंह ने बताया है कि यह प्रभात फेरी सुबह करीब 4 बजे गुरुद्वारा साहिब पुराना बाजार से रवाना होकर शहर की गलियों से निकलती है। इस दौरान भाई त्रिलोक सिंह रागी जत्थे द्वारा शब्द कीर्तन करके गुरु गोबिंद सिंह के जीवन पर विचार प्रस्तुत किए गए।
उन्होंने बताया कि खालसा पंथ के संस्थापक गुरु गोबिंद सिंह महाराज के 358वां प्रकाश उत्सव सिख संगत गांवों व शहरों में धूमधाम से मना रही है। गुरु गोबिंद सिंह सिखों के दसवें गुरु हैं। इनका जन्म पौष सुदी सप्तमी को वर्ष 1666 में पटना में माता गुजरी तथा पिता गुरु तेग बहादुर के घर हुआ। उन्होंने बचपन के पांच साल पटना साहिब में ही गुजारे। गुरु गोबिंद सिंह 11 नवंबर 1675 को गुरु गद्दी पर विराजमान हुए और वर्ष 1699 को बैसाखी वाले दिन पंज प्यारों से अमृत छककर गोविंद राय से गुरु गोबिंद सिंह बन गए।
धर्म एवं समाज की रक्षा के लिए ही गुरु गोबिंद सिंह ने वर्ष 1699 में खालसा पंथ की स्थापना की। गुरुद्वारा साहिब के मैनेजर अमरीक सिंह पक्की ने बताया कि 15 जनवरी को नगर कीर्तन शहर के मुख्य मार्ग व गलियों मोहल्ले में धूमधाम से निकाला जाएगा और 17 जनवरी को गुरु गोबिंद सिंह के प्रकाश पर्व पर अखंड पाठ साहिब का भोग डाला जाएगा। इस मौके पर ग्रंथी बाबा किशन सिंह, अंग्रेज सिंह, फतेह सिंह, जयपाल सिंह, जरनैल सिंह, भोला सिंह, जगजीत बब्बू, कुलविंदर नड्डा, हैप्पी सेठी, जगसीर जग्गा, नछतर सिंह सहित काफी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।