फतेहाबाद मे शौचालयों की सफाई जांच को लेकर सुपरवाइजर से पूछताछ करते हुए सीएम फलाइंग सदस्य
फतेहाबाद। शहर के सार्वजनिक शौचालयों की सफाई और मरम्मत कार्य को लेकर मिल रही शिकायतों के चलते जांच करने के लिए हिसार से मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम पहुंची। टीम में एसआई कुलदीप सिंह और एएसआई सुरेंद्र ने नगर परिषद के हेड क्लर्क जगदीश, एसआई ओंकार सिंह और सफाई दरोगा को साथ लेकर सार्वजनिक शौचालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम को कई शौचालयों में पानी मिला न साबुन मिला। इसके अलावा मौके पर कई जगह कर्मचारी भी नहीं मिला।
इसके अलावा शहर के थाना रोड पर चाबी वाले बाथरूम में पानी नहीं मिला। वहां पर हाथ धोने के लिए साबुन मिला न पौंछने के लिए तौलिया। निरीक्षण के बाद टीम नगर परिषद की सफाई ब्रांच शाखा में पहुंची। टीम ने यहां पर रिकॉर्ड कब्जे में लिया और सुपरवाइजर से भी सवाल-जवाब किए।
सुपरवाइजर ने बताया कि उन्हें करीब तीन माह से वेतन नहीं मिला है। टीम ने जब कहा कि क्या इस बारे में लिखित में कभी दिया गया है तो सुपरवाइजर ने मना कर दिया। शौचालयों में पानी और साबुन न होने पर भी सुपरवाइजर कोई जवाब नहीं दे पाए। हालांकि सीएम फ्लाइंग सदस्यों ने मामले में ज्यादा जानकारी देने से मना कर दिया और कहा कि इसको लेकर फिलहाल जांच चल रही है।
मंत्री को भी मिली थी खामियां
विकास एवं पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली ने 15 दिन पहले शहर के सार्वजनिक शौचालयों का निरीक्षण किया था। इस दौरान जिला नगर आयुक्त संजय बिश्रोई, कार्यकारी अभियंता अमित कौशिक, कार्यकारी अधिकारी ऋषिकेश चौधरी भी मौजूद थे। टीम को निरीक्षण के दौरान काफी कमियां मिली थी। इस पर उन्होंने संबंधित को फटकार लगाई थी। मंत्री ने 30 दिसंबर को दोबारा निरीक्षण करने की चेतावनी दी थी, लेकिन दोबारा निरीक्षण नहीं किया गया। नगर परिषद एजेंसी को दो बार नोटिस देकर जुर्माना भी लगा चुकी है।
18 लाख रुपये महंगे में दिया गया है ठेका
नगर परिषद ने शहर के सार्वजनिक शौचालयों का ठेका वर्ष 2022 में करीब 25 लाख में दिया था। वर्ष 2023 में इस ठेके को 43 लाख में दिया गया। नगर परिषद ने 18 लाख रुपये महंगे में ठेका दिया है। एजेंसी को चयनित शौचालयों पर कर्मचारी भी तैनात करने थे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं।