कुलां में गिरा बिजली का ट्रांसफार्मरसंवाद
कुलां। क्षेत्र में मंगलवार देर शाम आई आंधी और बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। आंधी से क्षेत्र में लगभग 110 बिजली के खंभे गिरने के साथ तारें क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं 159 पेड़ टूटने गए। इनमें से कई सड़कों पर गिर गए जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। खंभे गिरने और तार टूटने से कई गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बुधवार को दिनभर निगमकर्मी लाइन दुरुस्त कर बिजली चालू करने में जुटे रहे।
बिजली गुल होने से यहां कई गांव रातभर अंधेरे में रहे। वहीं बुधवार को भी दिनभर विद्युत आपूर्ति बाधित रहने से ग्रामीणों को गर्मी में बेहाल होना पड़ा। बिजलीकर्मी मंगलवार रात से ही मरम्मत कार्य में जुटे हुए हैं और बुधवार शाम तक समाचार लिखे जाने तक मरम्मत कार्य जारी था। आंधी से जिले का कुलां क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ। आसपास के कई गांवों में तेज हवाओं का असर दिखाई गया।
सड़कों पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित हुआ। कुलां जाखल रोड़ सहित प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही रुक गई। जिसमें खास कर कुलां जाखल मार्ग पर सड़क किनारे खड़े जगह जगह बड़े पेड़ उखड़ कर सड़क पर गिर गए। आवागमन सुचारू करने के लिए लोगों ने सड़क पर आकर मोर्चा संभाला और काफी मशक्कत के बाद इनको सड़क से हटा कर वाहनों का आवागमन शुरू किया।
आंधी से कई टीन शेड भी उड़ गए और दुकानों के बाहर लगे बोर्ड व होर्डिंग्स भी क्षतिग्रस्त हो गए। इससे लोगों को काफी नुकसान भी झेलना पड़ा है। आंधी के कारण धारसूल के पास से गुजरती रतिया ब्रांच नहर में भी कई पेड़ गिर गए जिससे नहर में जल प्रवाह भी प्रभावित हुआ।
कई गांवों की बिजली रहीं गुल
आंधी के कारण बिजली आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। इस पर मंगलवार रात को ही विद्युत निगम के जेई विकास बजाज द्वारा बिजलीघर में पहुंच कर नुकसान का जायजा लिया। निगम की टीमें क्षतिग्रस्त लाइनों और खंभों की मरम्मत में जुट गईं। इससे 132 केवी बिजली घर से जुड़े गांव कुलां सहित आसपास कुछ गांवों की बिजली आपूर्ति तो मंगलवार रात करीब 12 बजे बहाल कर दी गईं जबकि धारसूल 33केवी लाइन में बिजली आपूर्ति दुरुस्त करने में काफी मशक्कत करनी पड़ रहीं है। जिससे 33 केवी बिजली घर से जुड़े गांवों के ग्रामीणों को बुधवार को भी दिनभर बिजली कटौती से निपटना पड़ा।