पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए जाने के विरोध में कांग्रेस की गुटबाजी की बजाय एकजुटता नजर आई। अक्सर गुटबाजी के कारण सुर्खियों में रहने वाले कांग्रेसी नेता विरोध प्रदर्शन के दौरान एक साथ खड़े मिले। लंबे समय बाद पहली बार पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा गुट के पूर्व विधायक प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा, हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया के अलावा अन्य कांग्रेसी नेताओं ने भी एकजुटता के साथ प्रदर्शन में भाग लिया। जिला को-ऑर्डिनेटर अरविंद शर्मा, पूर्व विधायक प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा, पूर्व विधायक बलवान दौलतपुरिया, महिला जिलाध्यक्ष कृष्णा पूनिया आदि की अगुवाई में पार्टी कार्यकर्ता हिसार रोड स्थित पेट्रोल पंप पर एकत्रित हुए। यहां कार्यकर्ताओं ने तेल के दाम बढ़ाए जाने पर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि देश का हर नागरिक कोरोना महामारी में पूरी तरह टूट चुका है। अच्छे दिनों के दावे करके सत्ता में आई भाजपा सरकार लगातार तेल के दाम बढ़ाकर जनता को पूरी तरह बर्बाद करने पर तुली हुई है। पिछले 13 महीनों में ही पेट्रोल 25.72 रुपये व डीजल 23.93 रुपये महंगा कर दिया है। पिछले सात साल में 14 लाख करोड़ रुपये पेट्रोल व डीजल से अतिरिक्त कमाए हैं। बावजूद इसके केंद्र सरकार लगातार जनता को राहत देने की बजाय महंगाई की मार से उसकी कमर तोड़ने पर आमादा है। महामारी में छोटे से छोटा दुकानदार आर्थिक रूप से कमजोर हो चुका है, आम आदमी की रसोई का बजट बिगड़ चुका है। निजी कंपनियों में काम करने वाले युवा बेरोजगार हो गए हैं।
कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि कई राज्यों में पेट्रोल के दाम 100 रुपये प्रति लीटर से भी ऊपर पहुंच गए हैं। इससे पता चलता है कि भाजपा को जनता की दुख-तकलीफों से कोई लेना-देना नहीं है। यदि केंद्र सरकार इस प्रकार के जनविरोधी निर्णय लेने से बाज नहीं आई तो पार्टी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर बड़ा आंदोलन करेंगे। इस मौके पर पेट्रोल पंप एसोसिएशन के प्रधान गुरप्रीत मोंगा, गुलबहार सिंह, युवा जिलाध्यक्ष चंद्रमोहन, मुख्त्यार सिंह सदर, गोपाल चौधरी, सीताराम बैनीवाल, भीम नारंग, आनंदवीर गिल्लाखेड़ा, कुलदीप जांगड़ा सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।