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जिले के तीनों विधायक सत्ता पक्ष से, फिर भी हाथ खाली

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फतेहाबाद। इस बार मनोहर सरकार के दूसरे कार्यकाल में मंत्रिमंडल विस्तार में फतेहाबाद जिले के हाथ खाली ही रहे हैं। मौजूदा राजनैतिक परिस्थितियों में जिले के तीनों विधायक सत्तापक्ष से जुड़े हैं। रतिया से विधायक लक्ष्मण नापा एवं फतेहाबाद के विधायक दुड़ाराम तो बीजेपी के हैं जबकि टोहाना में जननायक जनता पार्टी से देवेंद्र सिंह बबली विधायक हैं जो बीजेपी के गठबंधन सहयोगी हैं। तीनों विधायक सत्तापक्ष के होने के बावजूद किसी भी विधायक को कैबिनेट की बर्थ क्यों नहीं मिली, ये चर्चा वीरवार को सारा दिन राजनैतिक गलियारों में चलती रही।
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प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं जजपा सुप्रीमो दुष्यंत चौटाला खुद जाट समुदाय से आते हैं। ऐसे में उनके द्वारा उपमुख्यमंत्री बनते ही ये तय हो गया था कि जजपा के कोटे से कोई और जाट नेता अब मंत्री पद की शपथ नहीं ले सकेगा। इसका सबसे अधिक खामियाजा टोहाना के विधायक देवेंद्र सिंह बबली को ही भुगतना पड़ा है। बबली ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं दिग्गज नेता सुभाष बराला को विस चुनाव में चारों खाने चित्त किया है जिसके बाद उन्हें बड़ा पद मिलने की उम्मीद थी। सूत्रों की मानें तो बबली को मंत्री बनाने के प्रस्ताव पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने भी वीटो लगा दिया था।
दुड़ाराम इकलौते बिश्नोई चेहरे के बावजूद नहीं पा सके मंत्रिमंडल में जगह
पूर्व मुख्यमंत्री भजन लाल के भतीजे एवं दिग्गज नेता दुड़ाराम भी मनोहर मंत्रिमंडल में जगह नहीं बना सके। उन्हें 12 दिन के अंदर बीजेपी टिकट मिलने का सबसे बड़ा कारण ये बताया गया था कि बीजेपी के पास कोई बिश्रोई चेहरा नहीं था। लेकिन ये बात उनके मंत्री बनने में काम नहीं आ सकी। हालांकि दुड़ाराम ने अभी तक उम्मीद नहीं छोड़ी है, उन्होंने अपने समर्थकों से उत्साह बनाए रखने की बात कही है। दुड़ाराम को मंत्री बनाने से हिसार, एवं फतेहाबाद जिले में बीजेपी को काफी फायदा होने की उम्मीद थी।
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लक्ष्मण नापा पहली बार विधायक बने, अनुभव की कमी आई आड़े
रतिया से बीजेपी विधायक लक्ष्मण नापा को मंत्रिमंडल की जगह मिलने में उनकी अनुभवहीनता आड़े आ गई। नापा पुराने भाजपाई हैं, लेकिन विधायक पहली बार बने। विस चुनाव में कई ऐसे विधायक चुने गए हैं जो नापा से वरिष्ठ हैं। ऐसे में लक्ष्मण नापा को इस बार विधायकी से ही संतोष करना पड़ेगा। हालांकि विधायक चुने जाने के बाद से सोशल मीडिया पर लक्ष्मण नापा के परिवहन मंत्री बनने की अफवाह चलती रही, लेकिन उन्हें मंत्रिमंडल विस्तार के लिए चंडीगढ़ से बुलावा नहीं आया।
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