जिला परिषद के वार्ड एक से करारी हार का सामने करने वाले आनंदवीर गिल्लाखेड़ा को फेसबुक के जरिए अपने पिता पूर्व सीपीएस प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा का सहारा मिला है। पूर्व सीपीएस प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा ने बीती रात अपनी फेसबुक प्रोफाइल पर अपने बेटे आनंदवीर को संबोधित करते हुए एक पोस्ट डालकर उनका हौसला बढ़ाने की कोशिश की। आनंदवीर इस बार जिला परिषद के वार्ड नंबर 1 से मैदान में उतरे थे और पांचवें नंबर पर रहे थे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आनंदवीर को इतनी करारी हार की उम्मीद नहीं थी। आनंदवीर चुनावी नतीजों के बाद से सार्वजनिक कार्यक्रम में नजर नहीं आएं हैं। ऐसे में सोमवार रात को प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा ने भी फेसबुक के जरिए अपने इकलौते बेटे के गम को हलका करने का प्रयास किया है।
ये संदेश लिखा गिल्लाखेड़ा ने
सोमवार रात आठ बजकर दो मिनट पर डाली इस पोस्ट में पूर्व विधायक प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा ने लिखा कि प्रिय आनंदवीर, तुम्हारे लिए पिता की सलाह और मैं इसे अपने निजी अनुभव के आधार पर कह रहा हूं। गिल्लाखेड़ा ने लिखा वे लोग शक्तिशाली नहीं कहे जाते जो जीतते हैं बल्कि उसे शक्तिशाली समझा जाता है जो हार के बावजूद भी हिम्मत नहीं छोड़ता। पूर्व विधायक की इस पोस्ट को तीन सौ से अधिक लोगों ने लाइक किया और लगभग 50 लोगों ने कमेंट्स के जरिए पूर्व विधायक की बात का समर्थन किया। लोगों ने इस दौरान आनंदवीर की तारीफ भी की।
खुद चौथे प्रयास में बने थे विधायक
चुनावी हार का दर्द प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा से बेहतर शायद ही कोई जानता हो। कांग्रेस सरकार के दूसरे कार्यकाल में विधायक बनने वाले प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा इससे पहले विधानसभा के तीन चुनाव हार चुके थे। वे दो बार सिरसा जिले के दड़बा हलके से दो बार और फतेहाबाद उपचुनाव के समय चुनाव लड़े हैं। लेकिन चौथे प्रयास में बतौर निर्दलीय उम्मीदवार प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा ने धमाकेदार जीत हासिल की और हुड्डा सरकार में मुख्य संसदीय सचिव का पद भी हासिल किया। ऐसे में आनंदवीर के लिए पहली चुनावी हार पर उनके पिता से बेहतर सीख शायद ही कोई दे पाता। शायद इसलिए ही प्रहलाद सिंह ने फेसबुक पोस्ट के जरिए ही सार्वजनिक रूप से ये संदेश देने की भी कोशिश की है कि वो अपने बेटे की चुनावी हार से विचलित नहीं हैं।
02एफटीबीपी06 : पूर्व विधायक प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा की फेसबुक पोस्ट, जो उन्होंने अपने बेटे के लिए लिखी है।