कृषि कानूनों के विरोध में भाजपा-जजपा सरकार के प्रति किसानों की बढ़ती नाराजगी को देखते हुए कई नेता पार्टी से किनारा करने में जुट गए है। इसी क्रम में रविवार को पूर्व विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया ने भाजपा छोड़ने का ऐलान किया। वह वर्ष 2014 में फतेहाबाद विधानसभा सीट पर इनेलो से चुनाव जीतकर विधायक बने थे। पिछले साल जून में उन्होंने इनेलो छोड़कर भाजपा से नाता जोड़ा था। भाजपा से जुड़ने के बावजूद उनको फतेहाबाद से पार्टी ने टिकट न देकर पूर्व सीपीएस दुड़ाराम को टिकट दिया था।
रविवार को गांव दौलतपुर में मुख्य चौक पर किसान पंचायत का आयोजन किया गया। इस पंचायत में पूर्व विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया को भी बुलाया गया। इस दौरान किसानों द्वारा उनसे पार्टी छोड़ने की कहने के बाद पूर्व विधायक ने भाजपा को अलविदा कह दिया। उनको साथ में खड़ा करके किसानों ने उनकी गाड़ी पर लगी भाजपा की झंडी उतारी और गाड़ी पर किसान यूनियन का झंडा लगाया।
करीब तीन महीने पहले भतीजी की शादी में पहुंचे थे मुख्यमंत्री
टिकट नहीं मिलने से पूर्व विधायक बलवान सिंह दौतलपुरिया की नाराजगी का अंदाजा भाजपा के आला नेताओं को भी था। इसीलिए तीन महीने पहले पूर्व विधायक की भतीजी के शादी समारोह में खुद मुख्यमंत्री मनोहर लाल, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ सहित कई बड़े नेता पहुंचे थे। कयास लगाए जा रहे थे कि सीएम के आने से पूर्व विधायक की नाराजगी खत्म हो गई है और वह अब पार्टी में लंबे समय तक बने रहेंगे। मगर किसान आंदोलन का हवाला देकर पूर्व विधायक ने पार्टी छोड़ते हुए इन सभी कयासों पर विराम लगा दिया है।
मैंने भाजपा को तिलांजलि दे दी है, किसान व भाईचारे को बचाएंगे: बलवान सिंह
अब कौन सी पार्टी ज्वाइन करने के सवाल पर पूर्व विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया का कहना था कि उन्होंने भाजपा को तिलांजलि दे दी है। अभी कोई पार्टी ज्वाइन नहीं करेंगे। फिलहाल तो किसान आंदोलन को और मजबूत करेंगे। अब यह समय एक तरफ लगने का है। जिस तरह से किसानों को बदनाम किया जा रहा है, इससे घिनौना काम हो नहीं सकता। सरकार को चाहिए कि तुरंत कृषि कानूनों को वापस लेकर किसानों को वापस घरों को भेजें। 26 जनवरी के बाद जगजाहिर हो चुका है कि उपद्रव करने वाले बीजेपी और आरएसएस के लोग थे। 50-60 उपद्रवी लालकिले पर चढ़ ही नहीं सकते क्योंकि वहां थ्री-लेयर सिक्योरिटी होती है। यह सरकार का षड़यंत्र था। बलवान सिंह ने प्रदेश के अन्य विधायकों से भी किसान आंदोलन को समर्थन देने की अपील की।