रतिया में गिरफ्तार किए गए किसानों काे रिहा होने के बाद स्वागत करते हुए ।
रतिया। शहर में भाजपा प्रत्याशी डॉ.अशोक तंवर का विरोध करने पर गिरफ्तार किए गए किसानों को पुलिस ने निजी मुचलके पर रिहा कर दिया है। इन किसानों के समर्थन में अन्य किसानों द्वारा शुक्रवार देर रात को शहर थाने के आगे दिया गया धरना शनिवार सुबह भी जारी रहा।
खेती बचाओ किसान कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता राम जाट व जिला प्रधान राजविंदर सिंह चहल भी किसानों के धरने को समर्थन देने पहुंचे। धरने की अध्यक्षता ब्लॉक प्रधान कर्म सिंह ने की जबकि मंच संचालन अजय सिधानी ने किया। इस दौरान मास्टर अजीत एडवोकेट, अमित उत्तम तलवाड़ी, बंटी, पार्षद सतपाल सिंह अन्य नेताओं ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि हरियाणा पुलिस भाजपा नेताओं के हाथों की कठपुतली बनी हुई है और इन्हीं के इशारों पर काम कर रही है। धरने में किसानों की बढ़ती संख्या देखकर दोपहर बाद जब पुलिस प्रशासन ने किसानों को सूचना भेजी कि वह गिरफ्तार किए गए किसानों की जमानत करवा ले। मगर किसानों ने जमानत करवाने से इनकार कर दिया और बिना शर्त रिहाई की मांग की। इसके बाद पुलिस ने सभी किसानों को निजी मुचलके पर रिहा कर दिया।
जमानत पर रिहा होने के बाद गिरफ्तार किए गए किसान निर्भय सिंह, गुरप्रीत सिंह, अमन रतिया सहित सभी 17 किसान नारे लगाते हुए शहर थाने के आगे धरना स्थल पर पहुंचे। यहां फिर से भाजपा प्रत्याशी व अन्य नेताओं के विरोध का ऐलान कर दिया। धरना दे रहे किसानों ने फूलमालाएं डालकर रिहा किए गए किसानों का स्वागत किया। भारतीय किसान यूनियन एकता उग्राहां के जिला अध्यक्ष निर्भय सिंह ने कहा कि शुक्रवार को क्षेत्र के किसान भाजपा प्रत्याशी डॉ.अशोक तंवर से लोकतांत्रिक तरीके से सवाल-जवाब करने गए थे। मगर भाजपा प्रत्याशी के कहने पर पुलिस द्वारा 17 किसानों को तानाशाही तरीके से गिरफ्तार किया गया और उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज कर उनको सारी रात जेल में रखा गया।
उन्होंने कहा कि चुनाव तक पुलिस जितने भी किसान नेताओं को जेल में डालें, वह डरने वाले नहीं हैं और सिरसा लोकसभा में हर जगह भाजपा उम्मीदवार का विरोध किया जाएगा। दूसरी तरफ शनिवार को अशोक तंवर के शहर में दौरे को देखते हुए भारी पुलिस फोर्स की व्यवस्था की हुई थी। पुलिस के साए में ही अशोक तंवर ने अपने राजनीतिक कार्यक्रम किए।