गांव ठरवा में गेहूं खरीद केंद्र पर नारेबाजी करते हुए किसान।
समैन। गांव ठरवा में बने खरीद केंद्र से गेहूं की बोरियों का उठान नहीं होने से शनिवार को किसान भड़क गए और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों ने मार्केट कमेटी के अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि मंडी में न तो पीने के पानी की कोई व्यवस्था है और न ही शौचालय व बिजली के प्रबंध हैं।
किसान अनूप कुमार, सुनील, पोला सिंह, संदीप कुमार, बंसीलाल ने बताया कि उनके गांव में बने खरीद केंद्र में पिछले लगभग दस दिनों से गेहूं की खरीद की जा रही है। मगर खरी केंद्र में पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। किसान खेतों में लगे हैंडपंपों का खराब पानी पीने को मजबूर हैं। बिजली की व्यवस्था नहीं होने के कारण दिन ढलते ही अंधेरा छा जाता है। शौचालय की कमी के कारण भी परेशानी झेल पड़ रही है। मगर अधिकारियों का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है। केंद्र पर खरीदी गई गेहूं का अभी तक उठान नहीं हो पाया है। किसान अनूप सिंह ने बताया कि उन्होंने खरीद केंद्र में पीने के पानी की व्यवस्था के लिए कई बार टोहाना मार्केट कमेटी के सचिव को कहा। मगर उन्होंने कोई व्यवस्था नहीं की है। गेहूं की बोरियों का उठान नहीं होने से किसानों को अपनी गेहूं मिट्टी वाली जगह पर डालनी पड़ रही है। केंद्र पर गेहूं डालने के लिए कोई जगह नहीं बची है।
पिछली बार पंचायत ने की थी मदद, अबकी बार पहले ही मना कर दिया
गांव ठरवा के सरपंच प्रतिनिधि राजेश कुमार ने बताया कि गांव में बने खरीद केंद्र में पिछले साल ग्राम पंचायत ने हर संभव सुविधा उपलब्ध करवाई थी। ग्राम पंचायत ने केंद्र की सफाई से लेकर पीने के पानी का स्वयं प्रबंध किया था। इस बार ग्राम पंचायत ने केंद्र शुरू होने से पहले ही कह दिया था कि अबकी बार पंचायत कोई सहयोग नहीं करेगी।
गांव ठरवा के खरीद केंद्र में पीने के पानी की व्यवस्था करवाई जा रही है। हर दिन एक टैंकर पीने के पानी का जाता है। बिजली कनेक्शन बिजली निगम ने काट दिया है। यह सही है कि केंद्र से गेहूं की बोरियों का उठान नहीं हो पा रहा है। रविवार सुबह से ही व्यवस्था शुरू हो जाएगी। किसानों को कोई समस्या नहीं आने दी जाएगी।
-अमित रोहिल्ला, सचिव, मार्केट कमेटी टोहाना