बादलगढ़ गांव में चूरापोस्त तस्करी के एक मामले की जांच करने आए हिसार के एएसपी, फतेहाबाद के डीएसपी व रतिया थाना प्रभारी ने छापेमारी की। मामला था वर्ष 2013 में चूरापोस्त तस्करी के मामले में फरार एक तस्कर की गिरफ्तारी को लेकर। यह तस्कर अपने एक साथी के साथ अपने ही घर के बाहर बैठा था, जैसे ही पुलिस मौके पर पहुंची तो तस्कर इनोवा लेकर फरार हो गया। लेकिन पुलिस ने पीछा करके तस्कर के साथी को 106 किलोग्राम चूरापोस्त सहित दबोच लिया। जबकि भगौड़ा तस्कर भागने में सफल रहा। इस मामले में डीएसपी ने लापरवाही बरतने के चलते महमड़ा चौकी प्रभारी को लाईन हाजिर कर दिया है।
रतिया में वर्ष 2013 में पुलिस ने गांव बादलगढ़ में छापा मारकर एक चूरापोस्त तस्कर कृष्ण को काबू किया था। इस मामले में एक तस्कर भोली उर्फ पोली पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। इस मामले की जांच हिसार के एएसपी मनोज कुमार कर रहे थे। बताया जाता है कि एएसपी मनोज कुमार को सूचना मिल रही थी कि भोली आजकल अपने गांव में ही रह रहा है। सूचना पाते ही एएसपी मनोज कुमार शुक्रवार को फतेहाबाद के डीएसपी नृपजीत सिंह व रतिया के एसएचओ जुगल किशोर पुलिस फोर्स के साथ भोली के घर पहुंच गए। यहां पर भोली अपने एक साथी हीरा सिंह निवासी संगरूर के साथ सफेद रंग की इनोवा कार में बैठा था। पुलिस को देखकर उक्त लोगों ने अपनी इनोवा को भगा लिया। पुलिस पार्टी भी पीछा करने लगी और उनको खेताें में जाकर घेर लिया। इस दौरान भोली तो मौके से फरार होने में सफल रहा, लेकिन पुलिस ने हीरा सिंह को काबू करके इनोवा से 106 किलोग्राम चूरापोस्त बरामद कर लिया गया। इस मामले में डीएसपी ने गांव बादलगढ़ में चूरापोस्त तस्करी के मामले में रोक न लगाने पर महमड़ा चौकी इंचार्ज रघुबीर सिंह को लाईन हाजिर कर दिया है।