इस गर्मियों में बिना रोक-टोक नहरों में नहाने वाले बच्चों व डूबकर मरने वालों को लेकर प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई न करने पर अमर उजाला द्वारा 4 जून को ‘नहरों में नहाने का शौक बना जानलेवा’ शीर्षक नाम से समाचार प्रकाशित किया था। जिसके बाद मंगलवार को पुलिस प्रशासन को जिलावासियों का हित याद आया और प्रशासन ने निर्देशों के विरुद्घ नहर में नहाने वालों के खिलाफ कार्रवाई का मन बनाया।
पुलिस अधीक्षक शिव चरण अत्री ने जिलावासियों से कहा कि है जिला से गुजरने वाली नहरों व नदियों में बच्चों व बाहर से आए रिश्तेदारों को मत नहाने दें। ताकि कहीं कोई जान न चली जाए। मंगलवार को जारी एक बयान में एसपी ने कहा कि पिछले कई दिनों से कई हादसे हो चुके हैं। जिसमें नहर में डूबकर या दूसरी वजहों से कई लोगों की जान तक गई है।
उन्होंने कहा कि अकेले नहाने से किसी की मौत हो सकती है इसलिए बच्चों को भी अकेले मत नहाने दें। फिर भी ऐसी कोई अप्रिय घटना घटित है तो इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम में दें जिसका नंबर 100 व नजदीक के थाने में सूचित कर सकते हैं।