टोहाना में वीडियो कॉल पर दाह संस्कार देखते हुए मृतक के परिजन ।
टोहाना। रोजगार की तलाश में बिहार से सैकड़ों किलोमीटर दूर टोहाना आए किशन लाल शर्मा (51) की अंतिम यात्रा में अपनों का कंधा नसीब नहीं हुआ। आर्थिक तंगी और दूरी के आगे मजबूर बेटा रोहित, बेटी अन्नू और अन्य परिजन आखिरी बार उन्हें विदा करने की कसक मन में लिए बिलखते रहे। छलकतीं आंखों और सिसकियों के बीच बेटे रोहित, बेटी अन्नू और अन्य परिजनों ने वीडियो कॉल के जरिये किशन लाल को अंतिम विदाई दी। स्क्रीन के एक ओर प्रवासी मजदूार का अंतिम सफर था तो दूसरी ओर अपनों की बेबसी, आंसू और बिछड़ने का दर्द। इस मार्मिक घड़ी में पुलिस ने सामाजिक सरोकार निभाते हुए बुधवार को दाह संस्कार की रस्म पूरी करवाई।
पूर्णिया जिले के चरलुवा गांव निवासी किशन लाल शर्मा महज 10 दिन पहले काम के सिलसिले में टोहाना आए थे। जांच अधिकारी मंजीत सिंह ने बताया कि 28 सितंबर को बिहार के मधुबनी जिले के गांव ढंगराहा निवासी ओमप्रकाश से किशन लाल का झगड़ा हुआ था। इसी दौरान सिर में चोट लगने से उनकी मौत हो गई। मामले में गैर-इरादतन हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई।
चंडीगढ़ रोड चौकी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवाया। मकान मालिक वीरेंद्र के बयानों के आधार पर पुलिस ने ओमप्रकाश के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद जांच अधिकारी मंजीत सिंह की टीम ने अंतिम संस्कार की व्यवस्था की।
मोबाइल की स्क्रीन अंतिम दर्शन का बनी जरिया
किशन लाल की पत्नी अनीता देवी का 15 वर्ष पहले ही निधन हो चुका था। परिवार में उनकी बुजुर्ग मां लुखीया देवी, पुणे में कार्यरत बेटा रोहित, गुरुग्राम में रह रही बेटी अन्नू और बिहार में रहने वाली भतीजी कविता हैं। पुलिस ने उनसे संपर्क कर किशन लाल के निधन की सूचना दी। व्यथित परिजनों ने दूरी और परिस्थितियों का हवाला दिया तो पुलिस की ओर से ने गांव के मुखिया और परिजनों को वीडियो कॉल के जरिए जोड़ा गया। आम दिनों में दूर बैठे अपनों को जोड़ने वाली मोबाइल की स्क्रीन किशन लाल के अंतिम दर्शन और परिवार की पीड़ा-संवेदना की साक्षी बन गई। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से लकड़ियां और अन्य सामग्री जुटाकर अंतिम संस्कार करवाया।