फतेहाबाद में खड़ी डोर टू डोर कचरा उठान गाड़ियां संवाद
फतेहाबाद। रतिया, टोहाना, भूना, जाखल और फतेहाबाद शहरों में रविवार को चौथे दिन भी सफाई व्यवस्था ठप रही। डोर-टू-डोर कचरा उठान नहीं होने से सड़कों पर कचरा बिखरा पड़ा है और करीब 480 टन कचरा जमा हो गया है। बारिश के बाद हालात और बिगड़ गए हैं। सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल 11 अगस्त तक बढ़ा दी है।
फतेहाबाद में नगर पालिका कर्मचारी संघ के आह्वान पर सफाई कर्मचारियों की हड़ताल चौथे दिन भी जारी रही। इसके चलते सफाई के साथ डोर-टू-डोर कचरा उठाने वाले वाहन भी बंद रहे। कचरा उठान एजेंसी के अधिकारियों के अनुसार यूनियन पदाधिकारी कर्मचारियों को वाहन निकालने से रोक रहे हैं।
एजेंसी ने तीन दिन पहले पुलिस विभाग से सुरक्षा बल उपलब्ध करवाने की मांग की थी। हड़ताल की अध्यक्षता नगर पालिका कर्मचारी संघ के इकाई प्रधान नरेश राणा ने की। मंच संचालन सचिव ओम प्रकाश लोट ने किया। धरने में जिला प्रधान विजय ढाका सहित अन्य कर्मचारियों ने भाग लिया।
नरेश राणा और विजय ढाका ने बताया कि सरकार की ओर से मांगों पर लिखित पत्र जारी नहीं होने के कारण हड़ताल आगे बढ़ाई गई है। यूनियन नेताओं के अनुसार एक से 14 मई तक चली हड़ताल के दौरान 13 मई को सरकार ने 22 मांगों में से 17 पर सहमति जताई थी। उनका आरोप है कि इन मांगों पर अब तक अमल नहीं हुआ।
उन्होंने बताया कि 29 जुलाई और पांच अगस्त को सरकार की ओर से वार्ता के लिए बुलाया गया था लेकिन बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकला। इसके बाद कर्मचारियों ने पहले छह से आठ अगस्त और अब 11 अगस्त तक हड़ताल जारी रखने का फैसला लिया है। हड़ताल के कारण पांचों शहरों में सफाई व्यवस्था प्रभावित है। जगह-जगह कचरा जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
चार दिनों से सड़ रहा कचरा, बरसात से बढ़ी बीमारियां
चार दिनों से लगातार सफाई न होने के कारण शहर के मुख्य बाजारों, व्यस्त चौराहों और रिहायशी कॉलोनियों में जगह-जगह कूड़े के पहाड़ लग चुके हैं। ऊपर से हो रही बारिश के कारण कचरे में सड़ांध पैदा हो गई है, जिससे उठ रही बदबू से आसपास के निवासियों और राहगीरों का सांस लेना दूभर हो गया है। महामारी फैलने का अंदेशा जताते हुए स्थानीय नागरिकों में भारी रोष है।