पराली प्रबंधन कार्यों की समीक्षा करते उपायुक्त डॉ. नरहरि सिंह बांगड़।
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जिले में आगजनी की घटनाओं की रोकथाम के लिए अब जिला प्रशासन सरपंचों के निलंबन से भी पीछे नहीं हटेगा। ये संकेत जिला उपायुक्त डॉ. नरहरि सिंह बांगड़ ने दिए हैं। डॉ. बांगड़ सोमवार को कृषि व राजस्व विभाग के अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने आंकड़ों के साथ जानकारी देते हुए बताया कि इस साल अभी तक 81 जगह पर पराली को आग लगाने की सूचनाएं मिली हैं जिसमें 51 सूचनाएं सही पाई गई और 30 शिकायतें फर्जी मिली हैं। उपायुक्त ने साथ ही ये भी निर्देश अधिकारियों को दे दिए हैं कि जो भी सरपंच या पंचायत सदस्य पराली आगजनी रोकने में सहयोग नहीं करेगा या संबंधित गांव में दूसरी बार पराली जलाई गई तो उस गांव के सरपंच को निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
उपायुक्त डॉ. बांगड़ ने जिला के सभी किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे धान की पराली को आग के हवाले ना करें, बल्कि पराली का सदुपयोग करके समाज के उत्थान एवं भलाई के लिए कार्य करें। उपायुक्त ने कहा कि जिला में हरसैक के लोकेशन के अनुसार आगजनी की घटनाओं का पता लगाया जा रहा है तथा इन घटनाओं पर काबु पाने के लिए तुरंत प्रभाव से कार्यवाही की जाती है तथा नियमों की अवहेलना करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जा रही है। इस बार आगजनी के मामलों में अब तक 6 सरपंचों तथा 4 ग्राम सचिवों को नोटिस जारी कर उचित कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। जिला में अब तक 81 जगहों पर आगजनी की घटनाओं की सूचनाएं मिली है, जिनमें से 51 स्थानों की पहचान सही पाई जाने पर उपायुक्त ने कृषि तथा पुलिस विभाग को सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए है।
उपायुक्त ने जिला के गांव तलवाड़ी में आगजनी की घटनाओं पर रोक न लगाने तथा सहयोग न करने पर आए मामले पर संज्ञान लेते हुए उपमंडलाधीश टोहाना को तुरंत प्रभाव से नियमानुसार कानूनी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त अजय चोपड़ा, सीटीएम अनुभव मेहता, एसडीएम सुरेन्द्र सिंह बेनीवाल, कुलभूषण बंसल, नवीन कुमार, डीआरओ राजेश ख्यालिया, डीडीए डॉ. राजेश सिहाग, डीआईओ सिकंदर, बीडीपीओ नरेन्द्र कुमार आदि मौजूद रहे।