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पंचायत के निलंबित की सिफारिश

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रेस्ट हाउस में अधिकारियों और शिकायतकर्ता बाला देवी से बातचीत करती हरियाणा राज्य महिला आयोग की च - फोटो : Fatehabad
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ढाणी भोजराज में विधवा महिला को जमीन के बंटवारे के दौरान 15 साल के लिए मायके भेजे जाने का समझौते के मामले में हरियाणा महिला आयोग ने संज्ञान लिया है और ढाणी भोजराज की पंचायत को निलंबित करने और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के सिफारिश करने की बात कही है। आयोग की अध्यक्षा प्रतिभा सुमन और सदस्य सुमन बेदी शनिवार दोपहर बाद फतेहाबाद रेस्ट हाउस पहुंची और पीड़ित महिला और उसके पिता से जानकारी ली। इतना ही नहीं उन्होंने गांव ढाणी भोजराज के सरपंच व पूरी पंचायत को सोमवार को पंचकूला में महिला आयोग के कार्यालय में तलब कर लिया है। प्रशासन की ओर से तहसीलदार विजय मेहता, डीएसपी दलजीत बैनीवाल, जिला प्रोटेक्शन अधिकारी रेखा अग्रवाल सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
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महिला आयोग से बातचीत के दौरान पीड़ित महिला के पिता ने समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले गांव चमारखेड़ा के लोगों के खिलाफ कार्रवाई न करने का आग्रह किया लेकिन उनके आग्रह को महिला आयोग ने अस्वीकार कर दिया। महिला आयोग की टीम ने इसके बाद गांव ढाणी भोजराज में पीड़िता के घर पहुंचकर उसकी बेटी से भी मुलाकात की। इस बीच ये जानकारी भी निकलकर आई है कि ये मामला मई माह का है लेकिन अब जाकर सोशल मीडिया में वायरल हुआ तो मामले का खुलासा हुआ।
पत्रकारों से बातचीत में महिला आयोग की अध्यक्षा प्रतिभा सुमन ने कहा कि पंचायती राज एक्ट में ऐसा कोई नियम नहीं है कि ग्राम पंचायतें अपने स्तर पर इस तरह के फरमान या फैसला दे सकें। चेयरपर्सन ने कहा कि वे जिला उपायुक्त व सरकार से इस बारे बातचीत करेगी और पंचायत के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई के लिए आयोग सिफारिश करेगा। पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब में चेयरर्पसन प्रतिभा सुमन ने कहा कि पीड़िता के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। महिला को उसकी ससुराल ढाणी भोजराज में ही उसकी बेटी के साथ रहने के लिए मकान दिलवाया जाएगा। विधवा महिला बाला देवी के पिता ने इस दौरान ये आरोप लगाया कि पुलिस को पंचायत के इस कदम की जानकारी थी लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। वहीं मौके पर मौजूद भूना थाने के सब इंस्पेक्टर कश्मीर सिंह ने इससे इंकार किया। इस पर चेयरमैन प्रतिभा सुमन ने कहा कि वो पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच करवाएंगी अगर वो दोषी निकले तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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ये है मामला : गांव ढाणी भोजराज में विवाहित महिला बाला देवी के पति की कुछ समय पहले मौत हो गई थी। इसके बाद पारिवारिक जमीन-जायदाद के बंटवारे के समझौते के दौरान मई माह में गांव के लेटरहेड पर समझौते की शर्तें लिखी गई जिसमें एक शर्त ये भी थी कि बाला देवी अब गांव भोजराज में नहीं रहेगी बल्कि 15 साल के लिए अपने मायके गांव यानी चमारखेड़ा गांव में रहेगी। इतना ही नहीं, इस समझौते पर गांव चमारखेड़ा के मौजिज सदस्यों के भी हस्ताक्षर हैं। मई माह का मामला होने के बाद अब जाकर ये मामला सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद खुला है। उधर विवाहिता के पिता अब ये कह रहे हैं कि गांव चमारखेड़ा के मौजिज लोगों ने हस्ताक्षर करने से पहले उनकी सहमति नहीं ली थी। उन्हें अब अपनी बेटी के लिए इंसाफ चाहिए।
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