फतेहाबाद। पंचायत समिति फतेहाबाद व भूना के प्रधान व उपप्रधान पद दो हलकों में होने के कारण पिस रहे हैं। फतेहाबाद पंचायत समिति के 30 वार्ड हैं, लेकिन इनमें 16 फतेहाबाद हलके में 14 वार्ड रतिया हलके के हैं। यही हाल भूना पंचायत समिति में रहा है। वहीं जिला परिषद के प्रधान व उपप्रधान पद के लिए जबरदस्त खींचतान चल रही है। भाजपा व जजपा दोनों ही अपने चहेतों को यह पद देना चाहती हैं, लेकिन दोनों के पास ही कोरम पूरा करने जितने सदस्य नहीं है, जिस कारण अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के चुनाव लंबे जा सकते हैं।
फतेहाबाद पंचायत समिति के प्रधान व उपप्रधान पद का चुनाव 23 सितंबर 2022 को आयोजित होना था, लेकिन पहले से कोई सहमति न बनने के कारण कोई भी सदस्य मीटिंग में नहीं पहुंचा। इसका मुख्य कारण यह कि फतेहाबाद पंचायत समिति के 30 वार्ड हैं। इन वार्डों में 16 वार्ड तो फतेहाबाद हलके में व 14 वार्ड रतिया हलके में हैं। फतेहाबाद पंचायत समिति के अध्यक्ष के लिए सहमति हो गई थी, लेकिन उपप्रधान के लिए सहमति इसलिए नहीं बनी क्योंकि उपप्रधान रतिया हलके के पंचायत समिति वार्डों में किसी एक सदस्य को चुनना था, लेकिन यहां पर उपप्रधान पद के लिए दो उम्मीदवार खड़े हो गए, जिस कारण फतेहाबाद व रतिया के विधायक दोनों पदों पर सहमति नहीं बना पाए और चुनाव टल गया। संवाद
जिला परिषद के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद की जंग चल सकती है लंबी
भूना पंचायत समिति के लिए भी फतेहाबाद हलके के विधायक दुड़ाराम ने शनिवार को प्रधान व उपप्रधान पद के लिए पहले सदस्यों की मीटिंग बुलाई। 20 सदस्यीय इस पंचायत समिति के प्रधान व उपप्रधान पद के लिए 14 सदस्यों का मीटिंग में आना अनिवार्य था, लेकिन इस मीटिंग में भी कोई सदस्य नहीं आया। विधायक दुड़ाराम के पास 12 सदस्य तो पहुंच गए थे, लेकिन शेष नहीं आए, जिस कारण यह मीटिंग भी रद्द हो गई। इसके पीछे भी यही कारण है कि भूूूना पंचायत समिति के कई वार्ड फतेहाबाद हलकेे व कुछ वार्ड टोहाना हलके में हैं। यही कारण है कि यहां पर प्रधान व उपप्रधान पद के लिए पेंच बना हुआ है।
जिला परिषद के लिए नहीं किसी के पास पूर्ण बहुमत
फतेहाबाद की 18 सदस्यीय जिला परिषद के लिए किसी भी पार्टी के पास कोई बहुमत मिलता नजर नहीं आ रहा है। शनिवार को जिला परिषद के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव होना था औैर इसमें भी एक भी सदस्य नहीं आया। बताया गया है कि जिला परिषद के अध्यक्ष पद के लिए एडवोकेट सुमन खिचड़, सीमा गोरखपुर व मंजू समैन के बीच कड़ा मुकाबला है। भाजपा की नजर सुमन खिचड़ पर है, वहीं सीमा गोरखपुर के समर्थन में चार से पांच सदस्य हैं और सीमा समैन को जजपा का समर्थन है। यहां गौर लायक बात यह है कि आम आदमी समर्थित उम्मीदवार वार्ड नंबर-14 से जीते रामनिवास झाझड़ा ने भी भाजपा के पूरे खेल को बिगाड़ा है। उनका समर्थन किसी को नहीं जा रहा है औैर उनके साथ भी दो से तीन सदस्य बने हुए हैं। भाजपा ने दावा किया था कि कोरम पूरा होने लायक उनके पास 12 सदस्य हैं, लेकिन भाजपा की मीटिंग में मात्र नौ ही सदस्य पहुंचे। जिससे जाहिर है कि भाजपा को अपना अध्यक्ष व उपाध्यक्ष बनाने के लिए भारी जोर लगाना पड़ेगा और जजपा खेमे में सेंध भी लग सकती है।
कोट
जिला परिषद के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का चुनाव होना जरूरी है, ताकि गांवों में विकास के काम आरंभ हो जाएं। सभी सदस्यों को एकजुट होकर प्रधान व उपप्रधान चुन लेना चाहिए। इसकेे लिए सभी सदस्यों से बातचीत कर सर्व सम्मति का प्रयास भी होना चाहिए।
-दुड़ाराम, विधायक फतेहाबाद।