फतेहाबाद/भट्टूकलां। सिक्किम में सड़क हादसे में शहीद विकास कुमार का पार्थिव शरीर रविवार सुबह सेना के जवान उनके पैतृक गांव पीलीमंदोरी लाए। गांव के खेल स्टेडियम में गमगीन माहौल में शहीद का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। साढ़े चार माह के बेटे अंशु ने मुखाग्नि दी। इससे पहले सेना के जवानों ने हवा में फायर कर गार्ड ऑफ ऑनर दिया व अपने शस्त्र झुकाकर श्रद्धांजलि दी।
शहीद विकास का पार्थिव शरीर रविवार सुबह करीब 9 बजे भट्टूकलां पहुंचा। यहां से ग्रामीण मोटरसाइकिल के काफिले के साथ गांव में लेकर पहुंचे। पार्थिव शरीर पर हजारों की भीड़ ने पुष्प अर्पित कर शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की और मां भारती के सपूत विकास अमर रहे के नारे लगाए। शहीद विकास के पिता इंद्राज ने साढ़े चार माह के पोते को हाथ में लेकर मुखाग्नि दिलवाई। इस दौरान सेना के अधिकारियों ने विकास के पिता को तिरंगा भेंट किया। इस दौरान पिता इंद्राज ने कहा कि 15 साल बाद पोते को भी सेना में भेजने के लिए तैयार करूंगा। शहीद विकास कुमार के पिता इंद्राज, माता लाजवंती, पत्नी कृष्णा देवी और भाई आत्माराम को हजारों लोगों ने दु:ख की घड़ी में ढांढस बंधाया।
जिस स्टेडियम में खेलकर नेशनल खिलाड़ी बना वहीं हुआ अंतिम सरकार
भट्टू खंड के गांव पीलीमंदौरी निवासी किसान इंद्रराज का होनहार पुत्र विकास वर्ष 2018 में सेना में भर्ती हुआ था। खेलों में अव्वल रहने वाला विकास खेल कोटे से ही सेना में भर्ती हुआ था। इससे पहले वह वॉलीबाल में नेशनल टीम का खिलाड़ी था और खेलों में अपने गांव का नाम रोशन कर रहा था। फिलहाल वह आर्मी में 25 ग्रेनेडियर्स यूनिट में सिक्किम में तैनात था। 23 दिसंबर को सेना के जवानों का एक दल ट्रक में सवार होकर सिक्किम के जेमा से थंगू के लिए निकला था। ट्रक के साथ आर्मी की दो वैन भी थी। एक तीखे मोड़ पर अचानक ट्रक बेकाबू हो गया और खाई में जा गिरा था। ट्रक में सवार 16 जवान शहीद हो गए थे।
30 मिनट तक घर में रखा पार्थिव शरीर, पत्नी पहले रोई, फिर दी सलामी
शहीद विकास के पार्थिव शरीर को भट्टूकलां से पहले गांव पीलीमंदोरी स्थित ढाणी में ले जाया गया। घर पर जब सेना का वाहन पार्थिव शरीर को लेकर पहुंचा तो परिवार की आंखों में आंसू आ गए। ग्रामीणों ने विकास अमर रहे, भारत माता की जय के नारे लगा। पार्थिव शरीर को करीब 30 मिनट तक घर पर रखा गया। यहां पर परिवार के सदस्यों, ग्रामीणों ने श्रद्धांजलि दी। पति के पार्थिव शरीर को देखकर पत्नी पहले रोई और इसके बाद उसने सलामी दी और कहा कि उसे गर्व है कि उसका पति देश की सेवा करते हुए शहीद हुआ है।
नेता और अधिकारी भी पहुंचे श्रद्धांजलि देने, उमड़ी ग्रामीणों की भीड़
शहीद के अंतिम संस्कार में जिला के विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक व धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित किए। अंतिम संस्कार में सिरसा लोकसभा क्षेत्र की सांसद सुनीता दुग्गल, हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन सुभाष बराला, फतेहाबाद विधायक दुड़ाराम, पुलिस अधीक्षक आस्था मोदी, वित्त विभाग के अतिरिक्त सचिव डॉ. विवेक भारती, नगराधीश सुरेश कुमार, बीडीपीओ विनय प्रताप सिंह, नायब तहसीलदार बलराम जाखड़, पूर्व विधायक एवं जेजेपी प्रदेशाध्यक्ष निशान सिंह, पूर्व विधायक प्रह्लाद सिंह गिल्लांखेड़ा, पूर्व विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया, वेद फुल्लां, कृष्णा पूनियां, डीएसपी सुभाष बिश्नोई, रिटायर्ड कर्नल एवं जिला सैनकि बोर्ड के कल्याण अधिकारी अनिल कुमार गुलिया, सरपंच धर्मबीर गोरछिया, थाना प्रभारी शादीराम, सुभाष गोरछिया के अलावा विभिन्न गांवों के सरपंच-पंच, ब्लॉक समिति सदस्य ने श्रद्धांजलि दी। वहीं भयंकर ठंड के बावजूद ग्रामीण शहीद विकास को श्रद्धांजलि देने के लिए डटे रहे। ग्रामीणों ने हाथ में तिरंगा झंडा लेकर विकास अमर रहे के नारे लगाए।
गांव पीलीमंदोरी में साढ़े चार माह का बेटा अपने शहीद पिता के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि देते हुए साथ- फोटो : Fatehabad