शहर के साथ लगती आजाद नगर पंचायत में पंच पद के वार्ड नंबर 1 से घोषित परिणाम को लेकर विवाद खड़ा हो गया। सरपंच सहित पूरी पंचायत ने शपथ ग्रहण समारोह का बहिष्कार करने का एलान कर दिया है। विवाद उस समय शुरू हुआ जब उम्मीदवार खुद को जीता हुआ मान रही थी और शपथ ग्रहण का निमंत्रण दूसरे उम्मीदवार के पास चला गया। पंचायत ने ड्यूटी पर मौजूद अधिकारियों पर घोषित किए गए रिजल्ट में गलती करने के आरोप लगाए हैं। बीडीपीओ अनुभव मेहता ने निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी किए रिजल्ट को दिखाकर सभी आरोपों को गलत बताया है।
अधिकारियों ने नहीं दिया सर्टिफिकेट
मंगलवार शाम को पंचायत व ग्रामीणों के साथ बीडीपीओ कार्यालय पहुंचे नवनिर्वाचित सरपंच विजेंद्र सैनी ने बताया कि 10 जनवरी को हुए चुनाव में का रिजल्ट घोषित किया गया। उस समय अधिकारियों ने बताया कि अनीता रानी को 102 वोट, मंजू रानी को 36 वोट मिले और 11 वोट कैंसल हुए हैं। अधिकारियों ने उम्मीदवारों से हस्ताक्षर करवा लिए लेकिन कोई सर्टिफिकेट जारी नहीं किया।
इस पर है विवाद
ग्रामीणों ने बताया कि अब अधिकारियों ने कागजी कार्रवाई में गड़बड़ी करते हुए अनीता रानी को 36 वोट, मंजू रानी को 102 वोट तथा 11 कैंसल वोट दिखाए हैं। अधिकारियों की लापरवाही से यह स्थिति बनी है। लेकिन अब अधिकारी भी मानने को तैयार नहीं हैं। शपथ का निमंत्रण पत्र भी मंजू रानी को भेजा गया है। ग्रामीण इसे लेकर मंगलवार को बीडीपीओ अनुभव मेहता से मिले, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। सरपंच विजेंद्र सैनी ने कहा कि जब तक समाधान नहीं होता पूरी पंचायत शपथ नहीं लेगी।
आजाद नगर से कुछ लोग मेरे पास आए थे। परिणाम को कागज व निर्वाचन अधिकारी को मौके पर बुलाकर दिखा दिए हैं। हमारे पास रिजल्ट के दो कागज आते हैं और दोनों में अनीता रानी को 36 वोट, मंजू रानी को 102 वोट तथा 11 वोट कैंसल दिखाए गए हैं। कागज में उन लोगों के हस्ताक्षर भी किए हुए हैं।
-अनुभव मेहता, बीडीपीओ