फतेहाबाद। जिले में सोमवार के बाद मंगलवार को लगातार दूसरे दिन हुई बारिश किसानों के लिए दोहरी मार लेकर आई है। सोमवार की बारिश के बाद मंडियों में बैठे किसानों ने मंगलवार को अपने भीग चुके धान की नमी सुखाने के लिए धान को बिछाया ही था कि मंगलवार शाम अचानक फिर से एकाएक आई तेज बरसात ने किसानों के धान को दोबारा भिगो दिया।
अत्याधिक नमी के चलते अब कई किसानों का धान खराब होने की कगार पर भी पहुंच गया है। दो दिन में हुई बेमौसम बारिश से धान की खरीद प्रक्रिया प्रभावित हुई है। बारिश के कारण अनाज मंडियों में धान की आवक में भी कमी आई है। अनाज मंडी के आढ़तियों के अनुसार जिले में करीब 10 से 12 हजार हजार मीट्रिक टन धान भीग चुका है। जिले के खेतों में करीब 65 हजार एकड़ धान की फसल बिछ गई है।
धान की आवक में आई कमी, कटाई रहेगी बंद
बारिश होने से धान की कटाई का काम बंद गया है। इससे अनाज मंडी में धान की आवक में कमी आई हैं। मंगलवार को फतेहाबाद की अनाज मंडी में करीब 50 किसान ही फसल लेकर पहुंचे। किसानों के अनुसार बारिश के बाद खेतों में पानी भर गया है। इससे अगले एक सप्ताह तक कटाई का काम नहीं होगा।
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कपास की चुगाई का काम भी प्रभावित
रविवार व सोमवार को तेज हवा और बारिश के कारण पककर तैयार हुई धान की फसलें बिछकर जमीन पर गिर गई हैं। इससे पैदावार में गिरावट आने की आशंका है। किसानों का कहना है कि पहले ही कुछ फसलें खराब हो चुकी थीं, और अब जो बची-खुची फसलें थीं, उन्हें इस बारिश ने बर्बाद कर दिया है। वहीं इस समय चल रहा नरमा (कपास) की फसल की चुगाई का काम भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। खेतों में कीचड़ और नमी के चलते मजदूर चुगाई नहीं कर पा रहे हैं।
:: अनाज मंडी और खरीद केंद्रों पर बारिश से बचाव के लिए तिरपाल व शेड की व्यवस्था है। फिर भी जो फसल भीगी है उसे सुखाया जा रहा है।
यशपाल मेहता, सचिव मार्केट कमेटी, फतेहाबाद।