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नवजात की मौत, अस्पताल में परिजनों का हंगामा

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बच्चे की मौत के बाद स्टाफ व पीड़ित परिवार के बीच चल रही कहासुनी। - फोटो : Fatehabad
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नवजात की मौत, अस्पताल में परिजनों का हंगामा
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29 सितंबर को हुआ था बच्चे का जन्म, दो दिन बाद दम तोड़ा, एसएमओ को दी शिकायत
परिजन बोले- पहले दिन से स्टाफ का लापरवाह रवैया, झूठ बोलती रहीं नर्सें
फोटो: 13 की सीरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल में शनिवार देर रात को नवजात बच्चे की मौत हो गई। घटना से गुस्साए परिजनों ने स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए रविवार सुबह हंगामा किया। मौके पर पुलिस भी पहुंची। पुलिस कर्मचारियों व चिकित्सकों ने सलाह दी कि हंगामा करने की बजाय लिखित शिकायत दें। इसके बाद स्टाफ पर कार्रवाई की मांग को लेकर अस्पताल प्रशासन को शिकायत भी दी गई है।
एसएमओ को दी शिकायत में अशोक नगर निवासी राजेश ने बताया कि उसने अपनी गर्भवती पत्नी ललिती देवी को 29 सितंबर की सुबह 3 बजे भर्ती करवाया गया था। यहां चिकित्सकों व नर्सों ने बताया कि सामान्य डिलीवरी होगी और लगभग दोपहर 1 बजे तक डिलीवरी होने की संभावना है। इसके बाद उन्होंने गर्भवती को संभाला ही नहीं। दोपहर का समय बीत गया तो स्टॉफ ने कहा कि अल्ट्रासाउंड करवाकर लाओ। अल्ट्रासाउंड करवाने के बाद स्टॉफ ने बताया कि डिलीवरी ऑपरेशन के जरिये होगी। तब बताया गया था कि बच्चे का वजन 3 किलो 800 ग्राम है, इसलिए ऑपरेशन करना पड़ रहा है। मगर बच्चे का जन्म हुआ तो वह 2 किलो 440 ग्राम का था। हालांकि परिजनों ने ऑपरेशन पर कोई आपत्ति नहीं जताई। इसके बाद दो दिन तक जच्चा व बच्चा को अस्पताल में रखा गया, लेकिन कोई देखभाल नहीं की गई। दो दिन तक स्टॉफ यही कहता रहा कि जच्चा व बच्चा दोनों स्वस्थ हैं, लेकिन शनिवार को बच्चे ही तबीयत बिगड़ गई। रात को करीब पौने एक बजे पता चला कि बच्चे की मौत हो गई है। इससे परिजनों ने रोष फैल गया। सुबह छह बजे के आसपास पीड़ित परिवार के और लोग भी आ गए। उन्होंने रोष जताया और शिकायत दी।
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सुबह किया हंगामा, स्टाफ पर बदसलूकी का आरोप
बच्चे की मौत पर सुबह परिजनों ने हंगामा किया। बच्चे के पिता राजेश कुमार व उसके पिता लाला राम ने बताया कि स्टाफ ने पहले दिन से ही उनकी गौर नहीं की। न तो डिलीवरी होने से पहले गर्भवती की संभाल की गई। न ही बच्चा होने के बाद स्टाफ ने कोई ध्यान दिया। यहां तक कि स्टाफ में शामिल महिला कर्मचारी बदसलूकी करती हैं। कुछ भी पूछने पर अभद्र व्यवहार करती हैं, जबकि अपने काम पर ध्यान नहीं देतीं।
पांच माह पहले दोस्त के बच्चे की हुई थी मौत
नागरिक अस्पताल में स्टाफ की कथित लापरवाही की वजह से करीब पांच माह पहले भी एक बच्चे की मौत हो गई थी। इत्तफाक से उस समय जिस नवजात बच्चे की मौत हुई थी, उसका पिता भी राजेश के साथ ही काम करता है। बताया गया है कि दोनों किसी प्राइवेट जॉब में हैं और एक कार्यालय में काम करते है। राजेश के मुताबिक उसके दोस्त ने उसे बताया था कि नागरिक अस्पताल में देखभाल सही ढंग से नहीं होती। इसके बावजूद उसने अस्पताल स्टाफ पर यह सोचकर भरोसा किया कि सरकार जच्चा-बच्चा के स्वास्थ्य को लेकर इतनी गंभीर है तो देखभाल अच्छी होती होगी।
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कोट
कल रात नवजात बच्चे की मौत हो गई। इस मामले में परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए स्टाफ के खिलाफ शिकायत दी है। शिकायत के आधार पर जांच चल रही है। सोमवार दोपहर तक जांच पूरी कर ली जाएगी। जो भी लापरवाही का दोषी पाया गया, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
-डॉ. राजेश चौधरी, एसएमओ, नागरिक अस्पताल।
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