फतेहाबाद। जिले में सोमवार सुबह हुई तेज बारिश ने किसानों व व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बारिश के कारण जिले में पांच लाख क्विंटल से भी अधिक धान की फसल भीग गईं। वहीं बारिश के पानी निकासी का नाला बंद होने से सोमवार अलसुबह हुई बारिश के बाद जवाहर चौक से चिल्ली झील के रास्ते में डेढ़ से दो फुट तक जलभराव हो गया है। पार्षदों ने पिछले सप्ताह धरना देकर एक हफ्ते में समाधान करवाने की प्रशासन को चेतावनी दी थी लेकिन बावजूद इसके प्रशासन ने कोई रास्ता नहीं निकाला।
बता दें कि शहर के तुलसीदास चौक, धर्मशाला रोड, संन्यास आश्रम रोड, जवाहर चौक, डीएसपी रोड आदि क्षेत्र का बारिश का पानी चिल्ली झील में बनाए गए डिस्पोजल टैंक में जाता है। यहां से पानी को रंगाई नाले में निकाला जाता है। चिल्ली झील में बनाए गए डिस्पोजल टैंक तक जनस्वास्थ्य विभाग ने पाइप लाइन बिछा रखी है। रास्ते में करीब 28 मरले जगह निजी है। इस जगह पानी जनस्वास्थ्य विभाग ने खुला नाला बना रखा था। इसको लेकर जमीन मालिक ने कोर्ट में केस दायर कर रखा था। मामले में जनस्वास्थ्य विभाग, नगर परिषद और बिजली निगम के खिलाफ याचिका डाली गई थी। कोर्ट ने मामले को लेकर जमीन मालिक के पक्ष में फैसला दिया था। जमीन मालिक ने पिछले सप्ताह रविवार को दो बुलडोजर लगाकर नाले को बंद कर दिया था।
हालांकि अभी बारिश कम होने के कारण घरों और दुकानों में सामान को नुकसान नहीं पहुंचा है। अगर बारिश ज्यादा होती तो नुकसान की आशंका थी। जलभराव के बाद पार्षदों ने जिला नगर आयुक्त संजय बिश्नोई से पानी निकलवाने की मांग की है। डीएमसी ने पंप सेट के जरिए पानी निकलवाने का आश्वासन दिया।
किसानों की बढ़ी मुश्किलें, अब धान की फसल सुखाने में लगेगा समय
जिले में रविवार तक 2669413 क्विंटल धान की आवक हुई है। इसमें से अब तक 2274577 क्विंटल धान की खरीद की गई है। वहीं, 1594279 क्विंटल का उठान किया गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 15 अक्तूबर तक 1075134 क्विंटल धान का उठान बाकी था। इसमें से करीब 30 फीसदी धान अनाज मंडियों के शेड के नीचे रखा हुआ है। बाकी धान बोरियों व ढेरियों के रूप में खुले आसमान के नीचे ही पड़ा था। पहले तेज आंधी और फिर आई बारिश ने किसानों व व्यापारियों को संभालने का ही मौका नहीं दिया। सुबह 5.30 बजे बिजली की गर्जना के साथ बारिश शुरू हुई, जो एक घंटे तक चली। उठान की धीमी गति के कारण किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है। अब भीगी हुई धान की नमी बढ़ेगी। इसे सुखाने में समय लगेगा, जिससे किसानों को फसल बेचने के लिए इंतजार करना पड़ेगा।
फतेहाबाद में 15 एमएम व रतिया में 17 एमएम हुई बारिश
सबसे अधिक बारिश रतिया व फतेहाबाद में दर्ज की गई। रतिया में 17 एमएम जबकि फतेहाबाद में 15 एमएम बारिश हुई। इसके अलावा कुलां में 11 एमएम, जाखल में 7 एमएम और टोहाना में 3 एमएम, भूना में 4 एमएम, भट्टू कलां में 4 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश के बाद अधिकतम तापमान में चार डिग्री जबकि न्यूनतम तापमान में दो डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। रविवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री रहा जबकि सोमवार को 28 डिग्री सेल्सियस रहा।
सरकार ने चिल्ली झील सुंदरीकरण के लिए दिए थे 13 करोड़
चिल्ली झील सुंदरीकरण प्रोजेक्ट सीएम घोषणा में शामिल है। सरकार ने इसके लिए 13 करोड़ का बजट जारी किया था। करीब 8 करोड़ से जनस्वास्थ्य विभाग चिल्ली झील से रंगोई नाले तक पाइप लाइन बिछा चुका है। इसके अलावा डेढ़ करोड़ से चिल्ली झील में गाद निकाली जा चुकी है। लेकिन बावजूद इसके चिल्ली झील का सुंदरीकरण नहीं हुआ है।
कोट
प्रशासन को चेतावनी देकर कहा गया था कि बारिश के बाद यहां जलभराव होगा। लेकिन बावजूद इसके प्रशासन ने गंभीर नहीं लिया। थोड़ी सी बारिश के बाद जलभराव हो गया है। मामले को लेकर डीएमसी को अवगत करवाया गया है।
-सुनील शर्मा, पार्षद प्रतिनिधि, वार्ड नंबर 2
कोट
नाला बंद होने से निकासी बंद हो गई थी। सीवरेज में पाइप डालकर पानी निकाला जा रहा है। नगर परिषद जमीन खरीदने को लेकर प्रयास कर रही है। जमीन मिलने के बाद स्थाई समाधान हो पाएगा।
-सतपाल रोहज, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग