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अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाने का काम शुरू, 500 लीटर प्रति मिनट होगी क्षमता

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कोरोना महामारी में ऑक्सीजन को लेकर मारामारी मची हुई है। सरकारी से लेकर निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन की किल्लत चल रही है। लेकिन अब कुछ दिनों में जिला मुख्यालय के नागरिक अस्पताल में ऑक्सीजन की किल्लत खत्म होने जा रही है। जिला नागरिक अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाने का काम शुरू हो गया है। ये प्लांट नागरिक अस्पताल के ब्लड बैंक के पीछे लगाया जा रहा है। एक सप्ताह में ऑक्सीजन प्लांट कक्ष तैयार होने की उम्मीद है, इसके बाद कंपनी मशीनरी फिट करने का काम शुरू करेगी। उम्मीद है 15 दिन से पहले नागरिक अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट से सप्लाई शुरू हो जाएगी। इंजीनियरों के मुताबिक प्लांट से ऑक्सीजन की सप्लाई की क्षमत 500 लीटर प्रति मिनट होगी।
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जिले में ये पहला ऑक्सीजन प्लांट लगने जा रहा है। फिलहाल सरकारी और निजी अस्पताल हिसार प्लांट से सप्लाई मंगवा रहे है। इस काम जल्द निपटाने के लिए तीन एजेंसी में काम बांटा गया है। सिविल वर्क का काम एनएचए कर रही है।
एक हजार वर्ग फुट में बन रहा प्लांट
ऑक्सीजन प्लांट लगाने का काम हिसार की गावड़ कंपनी को दिया गया है। कंपनी के साइट इंचार्ज अमित नैन का कहना है कि करीब 600 वर्ग फुट में मुख्य स्ट्रेक्चर होगा। इसके अलावा करीब 400 वर्ग फुट अन्य जगह होगी। मुख्य स्ट्रेक्चर में शेड लगाया जाएगा। यहां पर मशीनरी लगेगी। करीब एक सप्ताह में इसे तैयार करने के बाद मशीनरी फिट करने का काम शुरू होगा। इसकी क्षमता करीब 500 एलपीएम होगी।
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सात गुना तक बढ़ चुकी है ऑक्सीजन सप्लाई
नागरिक अस्पताल में पहले रोजाना करीब 20 से 25 ऑक्सीजन सिलिंडर प्रयोग हो रहे थे, लेकिन कोरोना की दूसरोी लहर शुरू होने के बाद ऑक्सीजन की सप्लाई करीब सात गुना तक बढ़ गई है। कई बार हालात ऐसे हो रहे है जब एक घंटे का स्टॉक बचा होता है तब सप्लाई पहुंच रही है।
अस्पताल में कोविड मरीजों की स्थिति जानिए :
इमरजेंसी में दाखिल मरीज - 20
नशा मुक्ति केंद्र मेल वार्ड में में दाखिल मरीज - 40
गंभीर मरीजों को ऑक्सीजन की पड़ रही ज्यादा जरूरत
नागरिक अस्पताल में यूं तो 30 ऑक्सीजन कंसं्ट्रेटर पहुंच चुके है और कोरोना मरीजों के काम आ रहे है। लेकिन ज्यादा गंभीर मरीजों के काम ये नहीं आ रहे है। ऑक्सीजन के ज्यादा प्रेशर के लिए ऑक्सीजन सप्लाई की जरूरत पड़ रही है।
ऑक्सीजन प्लांट लगाने का काम शुरू हो चुका है। जल्द काम निपटाने के लिए तीन एजेंसी मिलकर काम कर रही है। इसमें एनएचए भी शामिल है जो कि स्ट्रेचर तैयार कर रही है। इसके अलावा एक कंपनी मशीनरी फिट करेगी और दूसरी एजेंसी मशीनरी चालू करेगी।
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- डॉ.राजेश चौधरी, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी
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