फतेहाबाद। सरकारी अस्पतालों में दो दिन की छुट्टी के बाद मंगलवार को ओपीडी शुरू होगी। दो दिन बाद ओपीडी खुलने से मरीजों की भीड़ रहेगी। अगले दिन फिर मरीजों को झटका लगेगा। बुधवार को डॉक्टरों की हड़ताल के चलते ओपीडी पूरी तरह से बंद रहेगी। अगर डॉक्टरों की मांगे न मानी गई तो 29 दिसंबर से ओपीडी पूरी तरह से बंद होने के साथ-साथ इमरजेंसी सेवाएं भी बंद हो जाएंगी। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसिस एसोसिएशन की तरफ से ये घोषणा की गई है। ऐसे में ये सप्ताह सरकारी अस्पताल में उपचार करवाने के लिए आने वाले मरीजों के लिए भारी पड़ने वाला है। मांगों को लेकर डॉक्टर पहले भी दो घंटे के लिए ओपीडी बंद कर चुके हैं और इसके अलावा काले बिल्ले लगाकर रोष प्रदर्शन भी किया गया है। वहीं मौसम में बदलाव के चलते वायरल मरीजों की ओपीडी बढ़ रही है। कोरोना के नए वेरिएंट का खतरा भी मंडरा रहा है। लेकिन सरकारी अस्पतालों में फिजिशियन न होने के चलते उपचार नहीं मिल पा रहा है। मरीजों को उपचार के लिए निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है। नागरिक अस्पताल में ही विशेषज्ञों के पद खाली है। यहां फीजिशियन, सर्जन, आर्थो सर्जन आदि पद खाली है।
एसएमओ पद पर सीधी भर्ती से एतराज
वहीं एचसीएमएस के जिला प्रधान डॉ. भरत का कहना है कि मांगों को लेकर सरकार को पहले भी अवगत करवाया जा चुका है लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। एसोसिएशन की मांग है कि सरकार एसएमओ के पद पर सीधी भर्ती न करें। चौथी एसीपी का लाभ दिया जाए। सर्विस के दौरान पीजी बॉड में छूट दी जाए। डॉक्टरों का अलग से कैडर बनाया जाए। 27 दिसंबर को ओपीडी बंद रहेगी लेकिन इमरजेंसी सेवाएं जारी रहेंगी। लेकिन 29 दिसंबर को पूरी तरह से शट डाउन कर दिया जाएगा। इमरजेंसी सेवाएं पूरी तरह से बंद रहेंगी।