फतेहाबाद। जिले में धान की सरकारी खरीद को लेकर इस बार विसंगतियों ने किसानों को मंडी में रुकने को मजबूर कर दिया है। पहले राइस मिलरों ने अपनी मांगे पूरी नहीं होने के चलते सरकारी खरीद करने से मना कर दिया। अब डीसी के निर्देश के बावजूद खरीद एजेंसियां खरीद के नाम पर सिर्फ औपचारिकता ही पूरी कर रही है।
एजेंसियों के खरीदार शाम को चार बजे के बाद खरीद शुरू करते हैं और शाम 5 बजने से पहले ही बंद कर देते हैं। इस कारण एक दिन में 5 से 10 किसानों की फसल की खरीद ही की जा रही है। वीरवार को फतेहाबाद की पुरानी अनाज मंडी में पहुंचे किसान कृष्ण, हरनाम चंद, साहब राम, मोहनलाल, उग्रसेन और रणजीत आदि ने बताया कि धान की सरकारी खरीद तो शुरू कर दी गई है लेकिन इस खरीद से सरकार और प्रशासन के द्वारा सिर्फ औपचारिकता ही निभाई जा रही है। पूरे दिन में कोई खरीदार दिखाई नहीं देता है। पिछले 10 दिन से मंडी में फसल की खरीद का इंतजार कर रहे किसान खरीद शुरू होने के बाद भी फसल बेचकर घर नहीं पहुंच सके।
उठान धीमा होने से अटी मंडी : अनाज मंडियों में जहां धान की सरकारी खरीद धीमी हो रही है। वहीं धान की फसल का उठान भी धीमा चल रही है। जिसको लेकर अनाज मंडी के व्यापार मंडल के प्रधान जगदीश भादू ने बताया कि आढ़तियों ने 48 घंटे में उठान शुरू होने का आश्वासन मिलने के बाद खरीद शुरू की थी। लेकिन फिर भी खरीद एजेंसियों ने धान का उठान ही नहीं किया है।