स्वास्थ्य विभाग में तैनात एएनएम और आशा वर्कर अब मरीज के डाटा में फर्जीवाड़ा नहीं कर पाएंगी। मरीजों का डाटा अब आनलाइन पोर्टल पर दर्ज होगा। ये डाटा भी आशा वर्कर और एएनएम को मरीज के घर जाकर दर्ज करना होगा। अगर खुद के घर बैठकर मरीज का डाटा दर्ज करेंगी तो स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी फर्जीवाड़ा पकड़ लेंगे। मरीज के घर जाने की लोकेशन भी आनलाइन दर्ज होगी। स्वास्थ्य विभाग ने इंटीग्रेटेड हेल्थ इंफार्मेशन प्लेटफार्म यानि की आईएचआईपी नाम से पार्टल जारी किया है। इस पोर्टल पर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को डाटा आनलाइन दर्ज करना होगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग जिला भर की आशा वर्कर, एएनएम और एमपीएचडब्ल्यू को टेबलेट देने जा रहा है। इससे पहले विभाग इन्हें ट्रेनिंग दे रहा है जो कि शुरू हो चुकी है। स्वास्थ्य कर्मचारियों को जिला महामारी अधिकारी डा.विष्णु मितल ट्रेनिंग दे रहे हैं जिन्हें पहले पंचकूला में ट्रेनिंग दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग के करीब 25 प्रोग्राम चल रहे है। इन कार्यक्रमों से संबंधित आशा वर्करों, एएनएम को मरीजों का डाटा इकट्ठा करना होता है। यानि की जिस बीमारी से संबंधित मरीज पीड़ित है उसका डाटा विभाग को देना होता है। ये डाटा आशा वर्कर और एएनएम अब तक मैनुअल तैयार कर रही है। जिसमें आशंका रहती है कि डाटा घर बैठकर फर्जी तरीके से तैयार किया है और केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार के पास ये डाटा पहुंचने में समय भी लग जाता है और फिर भी वास्तविक डाटा नहीं मिल पाता है। इसे रोकने के लिए विभाग ने आईएचआईपी पोर्टल तैयार किया है। जिसमें आशा वर्कर और एएनएम को आनलाइन डाटा फीड करना होगा।
लोकेशन बताएगी मरीज के घर गए या नहीं
इस पोर्टल का फायदा यह होगा कि स्वास्थ्य कर्मचारी फर्जी रिपोर्ट नहीं दे सकेंगे। अगर खुद के घर बैठकर रिपोर्ट तैयार करते हैं तो लोकेशन बता देगी कि कर्मचारी ने खुद के घर बैठकर रिपोर्ट तैयार की है। फील्ड में जाने की मैपिंग भी तैयार होगी।
अधिकारियों के पास सीधी जाएगी रिपोर्ट
आनलाइन रिपोर्ट से फायदा यह होगा कि केंद्र और प्रदेश स्तर पर रिपोर्ट सीधी अधिकारियों को मिलेगी। पहले रिपोर्ट मिलने में काफी समय लगता था। अब मरीजों का डाटा सीधा आनलाइन दर्ज होगा और अधिकारी अपडेट रहेंगे।
ये है जिला में स्थिति
आशा वर्कर : 850
एएनएम : 250
इन्हें दी जाएगी ट्रेनिंग :
स्वास्थ्य विभाग इस पोर्टल के बारे में आशा वर्कर, एएनएम, एलटी, एमओ, फार्मासिस्ट, एमपीएचडब्ल्यू, आईओ को ट्रेनिंग देगा।
स्वास्थ्य विभाग ने आईएचआईपी पोर्टल जारी किया है। इस पर मरीजों का आनलाइन डाटा दर्ज होगा। कर्मचारी फर्जी डाटा तैयार नहीं कर सकेंगे। केंद्र और राज्य स्तर पर अधिकारियों के पास हर बीमारी अब रोजाना डाटा पहुंच सकेगा। इस संबंध में कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जा रही है। - डॉ.विष्णु मितल, जिला महामारी अधिकारी।