टोहाना में कार्यक्रम के दौरान तपस्वी कृष्णा जैन को सम्मानित करते लोग।
टोहाना। तेरापंथ धर्मसंघ के युगप्रधान आचार्य महाश्रमण की शिष्या साध्वी समन्वय प्रभा के सानिध्य में तेरापंथ भवन में वयोवृद्ध श्राविका कृष्णा जैन की 9 दिनों की तपस्या का तप अभिनंदन समारोह मनाया गया। मंगलाचरण साध्वी चारूलता ने किया।
साध्वी समन्वय प्रभा ने कहा कि तपस्या से कर्म निर्जरा होती है और आत्मा मोक्षगामी मार्ग की ओर अग्रेषित होती है। तपस्या कभी भी यश, कीर्ति, आडंबर या भौतिक सुखों की प्राप्ति के लिए नहीं करनी चाहिए। तपस्या का उद्देश्य एकमात्र आत्म कल्याण होना चाहिए। तपस्या से शरीर में विराजमान विषाक्त पदार्थ बाहर निकलते हैं और शरीर एवं आत्मा दोनों निर्मल बनते हैं। तपस्या से शरीर में तेजस की वृद्धि होती है।
साध्वी संयम प्रभा ने कहा कि आत्मा को पवित्र बनाने वाला एवं आत्म- शांति का कल्पवृक्ष तपस्या है। तप से आत्मा सशक्त, उज्जवल, पावन और शुद्ध बनती है। साध्वी चारूलता ने कहा कि तपस्या से काया और आत्मा दोनों निर्मल बनती है। इस दौरान तेरापंथ सभा के अध्यक्ष विजय कुमार जैन, सभा मंत्री सुभाष जैन, महिला मंडल की सुनीता जैन, निशा जैन, सुनीता जैन, विमला जैन ने अपनी भावना व्यक्त करते हुए तपस्वी के तप की अनुमोदना की। अंत में सभा की ओर से कृष्णा जैन को पटका पहनाकर, गुरुदेव का चित्र एवं साहित्य प्रदान कर सम्मानित किया गया। तेरापंथ महिला मंडल ने भी सम्मानित किया।