फतेहाबाद। पशुओं को होने वाली लंपी त्वचा रोग के लिए पशुपालन विभाग ने पहले से ही तैयारी कर ली है। पिछले साल लंपी के कारण अनेक गाएं बीमार हुई थीं और मौतों की संख्या भी बढ़ गई थी, लेकिन इस बार लंपी न फैले, इसके लिए पशुपालन विभाग पहले से ही तैयार हो गया है। लंपी से बचाव के लिए की वैक्सीन एक लाख 10 हजार डोज आ चुकी हैं, अब विभाग की 53 टीमें गायों को डोज लगाएंगी।
पिछले साल जिले में राजस्थान व पंजाब से होते हुए लंपी ने फतेहाबाद के पशुओं को भी चपेट में ले लिया था। इसका सबसे अधिक प्रभाव रतिया क्षेत्र में हुआ और इसके बाद यह फतेहाबाद व भट्टूकलां तक पहुंच गया था। उस समय पंजाब व राजस्थान में लंपी त्वचा बीमारी का अधिक प्रकोप था और वहां से आने वाले चरवाहों के कारण यह बीमारी फतेहाबाद जिले के पशुओं में पहुंच गई थी। यह बीमारी गायों में अधिक पहुंची। पिछले साल फतेहाबाद में लंपी के 2500 केस सामने आए थे, वहीं 170 गायों की मौत भी लंपी के कारण हुई थी।
अब पहले से शुरू की तैयारी
पशुपालन विभाग ने इस बार लंपी त्वचा रोग का प्रकोप न हो इसके लिए पहले से तैयारी कर ली है। इसके लिए विभाग के पास वैक्सीन की एक लाख 10 हजार डोज आ चुकी हैं, जिनको अब गायों को लगाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके लिए पशुपालन विभाग की 53 टीमों का गठन किया गया है। पशुपालन विभाग के अनुसार, जिले में इस समय एक लाख 10 हजार गाय हैं, जिनको यह डोज लगाई जाएगी।
लंपी त्वचा बीमारी के लक्षण
लगातार बुखार रहना, वजन कम होना, लार निकलना, आंख और नाक का बहना, दूध का कम होना, शरीर पर चकत्ता जैसी गांठें बन जाना।
कोट
पिछले साल जिले में लंपी का प्रभाव गायों पर हुआ था। इसी को देखते हुए मुख्यालय की ओर से हमारे पास वैक्सीन की एक लाख 10 हजार डोज आई हैं। पशुपालन विभाग की 53 टीमें गायों को यह डोज लगाएगी।
-डॉ. सुखविंद्र सिंह, उप निदेशक, पशुपालन विभाग, फतेहाबाद।