फतेहाबाद। जिले वासियों को इस साल बाढ़ के अलावा आंधी, आग और बारिश के कारण भी नुकसान झेलनी पड़ी। ई क्षति-पूर्ति पोर्टल पर जिले के 189 गांवों के 10030 किसानों ने अपनी 76 हजार 196 एकड़ फसल खराबे का ब्योरा दिया है। इसके अलावा बाढ़ से 1123 मकानों को नुकसान होने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा बाढ़ के कारण बकरियों, गायों, भेड़ों व भैंसों की भी मौत हुई है। परजीवी आक्रमण के चलते 11 सूअरों की मौत भी दर्शाई गई है।दरअसल, फतेहाबाद में 12 जुलाई को बाढ़ आने के बाद सरकार ने नुकसान का ब्योरा देने के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल को खोल दिया था। पहले इसे 31 जुलाई तक खोला गया। इसके बाद एक अगस्त से इस पोर्टल पर फसलों के अलावा मकानों व पशुओं को हुए नुकसान का विकल्प भी दिया गया था। ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर फतेहाबाद के लोगों ने 1123 मकानों को बाढ़ व बारिश के कारण हुए नुकसान की जानकारी दी है। वहीं, आग के कारण तीन मकानों, अधिक बारिश के चार मकानों तथा अंधड़ के कारण एक मकान को नुकसान का दावा किया गया है। अन्य मकानों को बाढ़ के पानी के कारण नुकसान हुआ है। रतिया व फतेहाबाद में सबसे अधिक मकानों को नुकसान हुआ है। वहीं जाखल शहरी क्षेत्र के तीन घर भी बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हुए हैं।
बाढ़ के कारण 5090 मुर्गियों की हुई मौत
ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर पशुओं को भी भारी नुकसान की जानकारी दी गई है। बाढ़ के कारण 5090 मुर्गियों की मौत हुई है। जिनमें अकेले रतिया के गांव बाह्मणवाला के पोल्ट्री फार्म में पांच हजार मुर्गियों की मौत हुई है। इसके अलावा बाढ़ के कारण 12 भैंसों, एक भेड़, 20 बकरियों व 13 गायों की मौत हुई है। परजीवी आक्रमण के कारण जिले में 11 सुअरों की मौत का डाटा भी पोर्टल पर डाला गया है।
बाढ़ व अन्य कारणों से मकानों को हुए नुकसान की ब्योरा
बाढ़ आग आंधी बारिश पानी
1104 03 01 04 12
बाढ़ में मरे पशुओं का ब्योरा
बकरी भैंस मुर्गियां गाय
20 12 5090 13
यह है वेरिफिकेशन की स्थिति
फतेहाबाद में किसानों द्वारा 76 हजार 196 एकड़ जमीन पर बाढ़ व बारिश के कारण फसल नुकसान की जानकारी दी गई है। इसमें से पटवारियों ने 66456 एकड़ जमीन का वेरिफिकेशन सर्वे कर लिया है। वहीं, 9740 एकड़ जमीन की वेरिफिकेशन अभी पेंडिंग की है। इसी प्रकार कानूनगो ने भी 45 हजार 947 एकड़ जमीन का सर्वे कर लिया है और कानूनगो के पास 20 हजार 249 एकड़ जमीन का सर्वे अभी भी बचा हुआ है। इसके बाद डीआरओ, एसडीएम व डीसी द्वारा भी वेरिफिकेशन होगी।
कोट
ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल अब बंद हो चुका है। फतेहाबाद के 189 गांवों के 10030 किसानों ने अपनी 76 हजार 196 एकड़ फसल के खराबे का ब्योरा दिया है। वहीं पोर्टल पर पशुओं के मरने व मकानों के नुकसान का भी ब्योरा दिया गया है। जल्द ही यह रिपोर्ट सरकार तक पहुंचा दी जाएगी।
-सुरेश कुमार, जिला राजस्व अधिकारी, फतेहाबाद।