फतेहाबाद। सरकार दावा कर रही है सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा दी जा रही है लेकिन धरातल पर हकीकत कुछ और ही है। डॉक्टरों के 63 फीसदी पद खाली हैं। जानकर हैरानी होगी कि यहां पर 174 डॉक्टरों के पद हैं जबकि 109 पद खाली पड़े हैं। जिले में 15 हजार लोगों पर मात्र एक ही डॉक्टर है।
जिला अस्पताल में ही डॉक्टरों के 27 पद खाली पड़े हैं, यहां विशेषज्ञ तक नहीं है। महिला रोग विशेषज्ञ भी एक ही है। यहां पर आर्थो, सर्जन, फिजिशियन, शिशु रोग विशेषज्ञ के पद खाली है। शिशु रोग विशेषज्ञ आउटसोर्सिंग पर तैनात हैं। अस्पताल में एक ही महिला रोग विशेषज्ञ तैनात है। टोहाना में भी हालात अच्छे नहीं है, यहां 36 पद डॉक्टरों के खाली पड़े हैं। रतिया में भी डॉक्टरों के 9 पद खाली है।
अस्पताल पद स्वीकृत कार्यरत खाली
नागरिक अस्पताल फतेहाबाद 42 15 27
पॉलीक्लीनिक 2 0 2
नागरिक अस्पताल टोहाना 42 6 36
नागरिक अस्पताल रतिया 13 4 9
हिजरावां कलां 2 0 2
पीएचसी नागपुर 2 2 0
पीएचसी महमड़ा 2 2 0
पीएचसी अहरवां 2 2 0
पीएचसी भिरड़ाना 2 1 1
पीएचसी हसंगा 2 1 1
सीएचसी भूथनकलां 7 2 5
सीएचसी भट्टूकलां 7 2 5
पीएचसी पीलीमंदोरी 2 0 2
पीएचसी बनगांव 2 1 1
पीएचसी खैरातीखेड़ा 2 2 0
पीएचसी खाबड़ाकलां 2 0 2
सीएचसी बड़ोपल 7 6 1
पीएचसी बीघड़ 2 0 2
सीएचसी जाखल 7 6 1
पीएचसी मामुपुर 2 1 1
पीएचसी समैन 2 0 2
पीएचसी इंदाछुई 2 1 1
पीएचसी कुलां 2 2 0
पीएचसी म्योंदकलां 2 1 1
सीएचसी भूना 7 2 5
पीएचसी पिरथला 2 2 0
पीएचसी झलनियां 2 1 1
पीएचसी एमपी रोही 2 2 0
पीएचसी नहला 2 1 1
दो करोड़ से तैयार आईसीयू नहीं हुई शुरू
कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान नागरिक अस्पताल में आईसीयू का निर्माण शुरू हुआ था। दो करोड़ से आईसीयू बनकर तैयार हो चुकी है। 10 बेड की ये आईसीयू अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। अगर आईसीयू शुरू होती है तो गंभीर मरीजों को रेफर करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
कोट
जिले में डॉक्टरों की कमी है। डॉक्टरों के पद भरने को लेकर मुख्यालय से डिमांड की गई है। हालांकि हम अपने स्तर पर व्यवस्था बनाकर मरीजों को चिकित्सा लाभ देने का प्रयास कर रहे हैं।
-डॉ. संगीता अबरोल, कार्यकारी सिविल सर्जन