फतेहाबाद। आयुष्मान भारत योजना की तरह अब सरकार ने निरोगी हरियाणा का दायरा भी बढ़ा दिया है। निरोगी हरियाणा में अब तीन लाख रुपये वार्षिक आय वाले परिवार भी शामिल किए गए हैं। जिले में निरोगी हरियाणा के लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 6 लाख 49 हजार हो गई है। करीब डेढ़ लाख लाभार्थी बढ़ गए हैं। अब इन लाभार्थियों की भी स्वास्थ्य विभाग जांच करेगा। अगर कोई गंभीर बीमारी मिलती है तो अग्रोहा मेडिकल या फिर रोहतक पीजीआई रेफर किया जाएगा। पहले स्वास्थ्य विभाग ने 1.80 लाख रुपये वार्षिक आय वाले परिवारों को इस योजना में शामिल किया था। इसकी शुरूआत पिछले साल नवंबर माह में की गई थी। अब तक विभाग कैंप लगाकर 1 लाख 30 हजार 400 लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर चुके हैं। स्क्रीनिंग में इन लाभार्थियों के 7 लाख 29 हजार टेस्ट किए जा चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग आयुष्मान भारत यानि चिरायु योजना का भी दायरा बढ़ा चुका है। पहले 1.80 लाख रुपये वार्षिक आय वाले परिवारों को शामिल किया गया था। लेकिन अब तीन लाख रुपये आय वाले परिवार शामिल किए गए हैं। लेकिन इनसे 1500 रुपये प्रीमियम लिया जा रहा है। जिले के 8904 परिवार शामिल हैं। निरोगी हरियाणा में शामिल लाभार्थियों की बीमारी का डाटा भी ऑनलाइन किया जा रहा है। मरीज को रिपोर्ट साथ लेकर घूमने की जरूरत नहीं होगी। अस्पताल में मरीज की आईडी से डॉक्टर ऑनलाइन रिपोर्ट देख सकेंगे। संवाद
2800 में एनीमिया तो 2000 मिले बीपी के शिकार
स्वास्थ्य विभाग जिले में 1 लाख 30 हजार लाभार्थियों की जांच कर चुका है। जांच में 2800 लोग एनीमिया के शिकार मिले हैं। इसके अलावा 1200 मरीज शुगर और 2000 बीपी बीमारी से ग्रस्त मिले हैं। कुपोषण के भी 148 केस सामने आ चुके हैं। स्क्रीनिंग में 19 मरीजों में कैंसर बीमारी की पहचान हुई है।
निरोगी हरियाणा अभियान की स्थिति
जिले में पहले लाभार्थी : 4.92 लाख
जिले में बढ़कर हुए लाभार्थी : 6.49 लाख
स्क्रीनिंग में शामिल लाभार्थी : 1,30400
लाभार्थियों के हुए टेस्ट : 7.29 लाख
एनीमिया ग्रस्त मिले : 2800
कुपोषण ग्रस्त मिले : 148
टीबी बीमारी मिली : 40
कैंसर रोगी मिले : 19
शुगर ग्रस्त मिले : 1200
बीपी ग्रस्त मिले : 2000
अन्य बीमारी से ग्रस्त मिले : 657
कोट
निरोगी हरियाणा के लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 6 लाख 49 हजार हो गई है। अब तक 1.30 लाख लोगों के स्वास्थ्य की जांच हो चुकी है। मोबाइल मेडिकल यूनिट टीम, नागरिक अस्पताल, सीएचसी और पीएचसी की टीम कैंप लगाकर जांच कर रही है। जो मरीज गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं उसे रेफर किया जा रहा है।
- मेजर डॉ. शरद तुली, उप सिविल सर्जन