स्कूल में टूटे हुए बास्केटबॉल के पोल दिखाते खिलाड़ी
रतिया। बढ़ते नशे की समस्या को देखते हुए क्षेत्र में खेलों को बढ़ावा देने की जरूरत है। यह बात बास्केटबाल कोच निरंजन सिंह ने कही। उन्होंने कहा कि यदि युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं मिलें तो वे नशे के बजाय खेलों की ओर आकर्षित होंगे। इसके लिए जिला प्रशासन और सरकार को क्षेत्र में खेल ढांचे को मजबूत करना चाहिए।
निरंजन सिंह ने बताया कि रतिया में एक आधुनिक स्टेडियम की आवश्यकता है, ताकि युवाओं को नियमित अभ्यास और प्रतियोगिताओं का अवसर मिल सके। उन्होंने रतिया के सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बने बास्केटबॉल ग्राउंड की बदहाल स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ग्राउंड के कुछ पोल काट दिए गए हैं, जबकि नए पोल अब तक नहीं लगाए गए हैं।
इसके अलावा जो पोल लगे हुए हैं, वे भी काफी पुराने और जर्जर हालत में हैं। रोहतक में बास्केटबाल खिलाड़ी की मौत की घटना से सबक लेते हुए जहां जहां भी जर्जर और पुराने पोल हैं, उन्हें तुरंत हटाकर नए पोल लगाए जाने चाहिए। सरकार और खेल विभाग से इस दिशा में जल्द कदम उठाने की मांग की है।
30 से अधिक खिलाड़ी हो रहे प्रभावित
शर्मा चंद लाली, प्रत्यक्ष कुमार और मोनू आदि ने कहा कि मैदान में 30 से अधिक खिलाड़ी सुबह-शाम अभ्यास के लिए आते हैं, लेकिन सुविधाओं के अभाव में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।