फतेहाबाद। जल है तो कल है, ये स्लोगन स्कूल में विद्यार्थियों को पढ़ाया जा रहा है और साथ दीवारों पर ये स्लोगन लिखकर आम लोगों को जागरूक किया जा रहा है। लेकिन जो ये पाठ पढ़ा रहे हैं वह खुद इसको गंभीर नहीं हैं। केंद्र सरकार ने जल बचाने को लेकर जल शक्ति अभियान ''कैच द रेन'' मिशन की शुरूआत की थी। इसको लेकर सरकारी महकमों के अफसर खुद गंभीर नहीं है यहां तक जनस्वास्थ्य विभाग खुद लापरवाह है। बारिश के पानी के स्टोरेज को लेकर सरकारी कार्यालयों में कोई प्रबंध नहीं है। सिर्फ कागजों में ये मिशन चल रहा है। इसको लेकर पड़ताल की गई तो सामने आया है।
जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगा है लेकिन छत से आने वाले रेन वाटर को लेकर कोई व्यवस्था नहीं है। कनेक्शन ही नहीं जोड़ा गया है। रेन वाटर स्टोरेज को लेकर ये ही हाल बिजली निगम, नगर परिषद, नागरिक अस्पताल के है। जानकर ये भी हैरानी होगी कि ग्रामीण क्षेत्रों में करीब एक लाख से ज्यादा पानी कनेक्शन बिना मीटर के ही चल रहे हैं। जल की बर्बादी को रोकने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग ने पानी मीटर अनिवार्य कर रखा है। लेकिन जानकर हैरानी होगी कि करीब 30 फीसदी शहरी दोगुना बिल दे रहे हैं लेकिन मीटर नहीं लगवा रहे हैं। शहर फतेहाबाद में पानी के करीब 16320 कनेक्शन हैं। इसमें 10392 ने पानी मीटर लगवा रखा है और 5928 उपभोक्ता बिना मीटर के पानी सप्लाई ले रहे हैं। जनस्वास्थ्य विभाग पानी का हर माह का 60 रुपये बिल वसूलता है अगर मीटर नहीं लगा है तो 120 रुपये महीना लिया जा रहा है। अधिकारियों की माने तो ग्रामीण क्षेत्रों में 90 फीसदी कनेक्शन पर पानी मीटर नहीं है। संवाद
ये है ग्रामीण क्षेत्र में पानी कनेक्शन की स्थिति
खंड पानी कनेक्शन
भट्टूकलां 15738
भूना 17080
फतेहाबाद 23780
जाखल 7592
नागपुर 12089
रतिया 19130
टोहाना 22222
कोट
जल बचाने को लेकर जनस्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से गंभीर है। लोगों को जागरूक किया जा रहा है। अवैध कनेक्शनों को वैध किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले दिनों 60 हजार कनेक्शन वैध किए गए हैं। इसके अलावा खुले में चल रहे पानी को रोकने के लिए टूंटियां लगाई गई है ताकि बर्बादी से रोका जा सके।
- शर्मा चंद लाली, जिला सलाहकार, जनस्वास्थ्य विभाग