गांव रत्ताथेह में खेतों के अंदर पराली जलने के मामले में जांच करने पहुंचे कृषि विभाग अधिकारी, ग्राम सचिव सहित गांव के पटवारी को किसानों ने घेर लिया। किसानों का तर्क था कि खेतों की पराली में आग लगने का कारण वहां पर लगे ट्रांसफार्मर से हुई स्पार्किंग है। शार्ट सर्किट के कारण ही खेतों में रखी हुई पराली को आग लग गई। जबकि कृषि विभाग अधिकारी इसकी जांच करते हुए उन पर केस बनाने की तैयारी कर रहे हैं। करीब 2 घंटे तक अधिकारियों को बिठाने के बाद जब किसानों को पुलिस व अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि पराली लगने का कारण शार्ट सर्किट था। मामले में कोई भी केस दर्ज नहीं किया जाएगा जिसके बाद ही उन्हें वहां से जाने दिया गया।
गांव रत्ताथेह के मेन रोड पर स्थित खेतों में पराली जलने की लोकेशन मिलने पर पटवारी शिवकुमार, ग्राम सचिव सुरेंद्र कुमार, कृषि विभाग निरीक्षक मनोज कुमार निरीक्षण करने पहुंचे तो मौके पर किसान चमकौर सिंह, मनप्रीत सिंह, आत्मा सिंह, हाकम सिंह, मग्गर सिंह, गुलाब सिंह, रुलदु सिंह, मिट्ठू सिंह, जसवीर सिंह, गुरचरण सिंह इत्यादि ने इन अधिकारियों का घेराव करते हुए खेतों में ही बिठा लिया। किसानों ने अधिकारियों को बताया कि आग लगने का कारण खेत में लगे एक ट्रांसफार्मर से हुई स्पार्किंग है। पराली में उन्होंने खुद कोई आग नहीं लगाई है। बल्कि आग लगने के बाद फायर ब्रिगेड को सूचित किया गया है। उन्होंने बताया कि आग लगने के बाद उसे बुझाने का भी प्रयास किया गया है जिसमें उनके कई मोबाइल भी बीच में गिर गए हैं। वहीं ंएक ट्रैक्टर ट्राली भी आग से जलने से बाल-बाल बच गया है। करीब 2 घंटे तक किसानों द्वारा इस मामले में अपना पक्ष रखने के बाद अधिकारियों ने इस मामले में कोई भी कार्रवाई न करने का आश्वासन दिया। जिसके बाद ही उन्हें वहां से जाने दिया गया। पटवारी शिव कुमार ने बताया कि आग लगने के लोकेशन मिलने पर वह जांच करने पहुंचे थे लेकिन जांच में पाया गया है कि आग शार्ट सर्किट से लगी है। जिसके बाद किसानों को आश्वस्त किया गया है। इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।