फतेहाबाद के ई दिशा केंद्र में रजिस्ट्री के लिए पहुंचे लोग।
फतेहाबाद। सरकार की तरफ से प्रॉपर्टी के कलेक्टर रेट एक अप्रैल से बढ़ाए जा रहे हैं। कलेक्टर रेट बढ़ाने से पहले प्रस्तावित सूची प्रशासन की तरफ से जारी की गई थी और इसको लेकर सोमवार को दोपहर 3 बजे तक आपत्तियां मांगी गई थी। फतेहाबाद तहसील में सबसे ज्यादा आपत्तियां पहुंची हैं।
संस्थाओं और प्रॉपर्टी डीलर एसोसिएशन ने पुराने शहर के बढ़ाए जा रहे 75 फीसदी तक कलेक्टर रेट को लेकर आपत्ति जताई है और डीसी को ज्ञापन भी दिया।
वहीं गांव मताना के ग्रामीण भी आपति जताने के लिए पहुंचे और कहा कि कृषि भूमि का रेट बढ़ाकर सवा 2 करोड़ प्रति एकड़ किया जाए जो कि फिलहाल कम है। प्रशासन से मिली रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार को 15 आपतियां आई हैं और इसमें 8 फतेहाबाद तहसील से जुड़ी हैं।
कृषि भूमि का बढ़े कलेक्टर रेट : एसडीएम से मिलने पहुंचे सरपंच एडवोकेट दलबीर वर्मा, ग्रामीण लोकेश वर्मा, सुरेन्द्र भोभीया, रामप्रशाद भोभरिया, विक्रम ने बताया कि गांव मताना नेशनल हाईवे 9 के साथ लगता है। सुविधाओं को देखते हुए गांव मताना का वर्तमान रेट बेहद कम है।
नेशनल हाइवे से दो एकड़ दूरी तक 88 लाख 33 हजार रुपये प्रति एकड़, गैर मुमकिन कृषि भूमि का रेट 6270 रुपये वर्ग गज व अन्य कृषि भूमि का रेट 46 लाख रुपये प्रति एकड़ तय किया गया है जोकि बेहद कम है। ग्रामीणों ने मांग की है कि गांव मताना का रेट बढ़ाया जाए ताकि गांव के किसानों, जमींदारों को आर्थिक नुकसान न हो। ग्रामीणों ने मांग की है कि गांव मताना की कृषि भूमि का डीसी रेट बढ़ाकर सवा दो करोड़ रुपये किया जाए।