फतेहाबाद। जिले में कैंसर मरीजों की तादाद हर साल बढ़ती जा रही है। इसके बावजूद यहां पर उपचार के लिए सरकारी अस्पतालों में कोई सुविधा नहीं है। यहां तक स्क्रीनिंग की भी सुविधा नहीं है। जिले में निजी अस्पताल भी ऐसा नहीं है जहां पर कैंसर बीमारी को लेकर उपचार हो सके। ऐसे में मरीज उपचार के लिए हिसार के निजी अस्पताल या फिर बीकानेर और रोहतक-चंडीगढ़ पीजीआई जा रहे हैं।
जिले में वर्ष 2024-25 में अब तक बस पास के लिए 471 आवेदन आए हैं। स्वास्थ्य विभाग कैंसर ग्रस्त मरीजों को बस पास सुविधा मुहैया करवाता है। इसके अलावा तीसरी और चौथी स्टेज के 246 मरीज रजिस्टर्ड हैं। इन मरीजों को विभाग की तरफ से पेंशन राशि जारी की जा रही है।
हर साल बढ़ रहा है कैंसर मरीजों का आंकड़ा :
वर्ष कुल
2013-14 36
2014-15 96
2015-16 148
2016-17 204
2017-18 209
2018-19 234
2019-20 262
2021-22 308
2022-23 371
2023-24
461
2024-25 471 अब तक
नोट : बस पास के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग के पास आए आवेदनों का आंकड़ा है।
कैंसर के ये हैं प्रमुख लक्षण
- अत्यधिक थकान होना
- बेवजह वजन कम होना
- कमजोरी आना
- शरीर के किसी हिस्से में फोड़ा या गांठ होना
- खांसी और सीने में दर्द होना
- कूल्हे या पेट में दर्द होना
- महिलाओं को मासिक धर्म में तकलीफ होना।
फसलों में पेस्टीसाइड का ज्यादा इस्तेमाल भी कारण
नागरिक अस्पताल के विशेषज्ञ डॉ. मनीष टुटेजा का कहना है कि अधिक पैदावार को लेकर कई किसान गेहूं की फसल में कीटनाशक का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके अलावा सब्जियों की फसल में भी पेस्टीसाइड का इस्तेमाल हो रहा है। जोकि स्वास्थ्य के लिए खतरनाक रहता है और कैंसर का कारण बनता है। अगर कैंसर का शुरूआत में पता लग जाए और उपचार लिया जाए तो इस बीमारी पर काबू पाया जा सकता है।
कैंसर डे केयर शुरू हुए तो मरीजों को मिलेगा फायदा
केंद्र सरकार ने हाल ही में प्रत्येक जिले में कैंसर डे केयर खोलने की घोषणा की है। हालांकि, इनके शुरू होने में समय लग सकता है। अगर ये जिले में शुरू होता है तो मरीजों को कीमोथेरेपी आदि के लिए हिसार, पीजीआई चंडीगढ़, रोहतक या फिर बीकानेर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जिले में फिलहाल 246 मरीज कैंसर की स्टेज तीन और चार के हैं।
कैंसर के मरीजों को लेकर जो सुविधाएं सरकार की तरफ से दी जाती है, उसको लेकर रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है। बस पास सुविधा कैंसर मरीजों को मुहैया करवाई जा रही है।
- डॉ. विष्णु मित्तल, जिला महामारी रोकथाम विशेषज्ञ